नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के सैनिकों के बीच फिर से टकराव की खबरों के बीच चीन के विदेश मंत्रालय ने सफाई दी है। चीन ने कहा है कि वह सीमा पर हुए समझौतों का सख्ती से पालन कर रहा है और दोनों देश लगातार संपर्क में हैं। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने सोमवार को कहा कि चीन ने दोनों देशों के बीच बनी सभी सहमतियों का लगातार और मजबूती से पालन किया है।
उन्होंने कहा कि चीन अपनी संप्रभुता और सीमा पर स्थिरता बनाए रखने के लिए सीमावर्ती इलाकों में नियमित गश्त करता है। यह बयान अरुणाचल में एक और गतिरोध की खबरों के बाद आया है। इससे पहले भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि ऐसी घटनाएं तब होती हैं जब चीनी सैनिक तय गश्त के रास्ते से भटक जाते हैं।
शांति बनाए रखने पर जोर
गुओ जियाकुन ने आगे कहा कि भारत और चीन राजनयिक और सैन्य चैनलों के जरिए संपर्क में हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत भी समझौतों को लागू करने और सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए उसी दिशा में काम करेगा। यह पूरा विवाद ITBP के डीजी शत्रुजीत कपूर के एक बयान से शुरू हुआ। राजस्थान के अलवर में ITBP के 65वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि पिछले कुछ दिनों में अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने आए हैं और कुछ जगहों पर स्थिति अभी भी बनी हुई है।
कांग्रेस के सवाल पर विदेश मंत्रालय का जवाब
उनके इस बयान के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए कि सरकार इस पर चुप क्यों है। इसके बाद विदेश मंत्रालय ने अपनी साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि इस तरह के सवाल रक्षा मंत्रालय से पूछे जाएं। विदेश मंत्रालय ने कहा, “जब चीनी सेनाएं तय गश्त से हटती हैं तो सीमावर्ती इलाकों में स्थिति बिगड़ती है। दोनों पक्ष LAC पर बचे हुए मुद्दों को सुलझाने और गलतफहमी से बचने के लिए मौजूदा राजनयिक और सैन्य सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं।”
मंत्रालय ने यह भी कहा कि दोनों देश LAC को बेहतर तरीके से समझने और बेहतर सीमा प्रबंधन पर बात करने को तैयार हुए हैं। साथ ही जोर दिया कि दोनों देशों के रिश्तों के विकास के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता बहुत जरूरी है।












