नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2020 में युवाओं के साथ बातचीत के दौरान अपनी चमकती त्वचा को लेकर एक बात साझा की थी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि वह खूब मेहनत करते हैं और इतना पसीना बहाते हैं कि उससे चेहरे की मालिश हो जाती है। उनका मकसद किसी खास ब्यूटी रूटीन का प्रचार करना नहीं, बल्कि मेहनत, अनुशासन और सक्रिय जीवन का महत्व बताना था। हालांकि, इस बात ने लोगों में यह जानने की उत्सुकता बढ़ाई कि पसीने का त्वचा पर वास्तव में क्या असर पड़ता है।
पसीना त्वचा के लिए कैसे फायदेमंद हो सकता है?
व्यायाम के दौरान शरीर का तापमान बढ़ता है और पसीना निकलता है। साथ ही रक्त प्रवाह बढ़ने से त्वचा तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति बेहतर हो सकती है। वर्कआउट के बाद दिखने वाली अस्थायी चमक बढ़े हुए ब्लड फ्लो से जुड़ी हो सकती है। पसीना त्वचा को थोड़ी देर के लिए नम भी रख सकता है। लेकिन इसे त्वचा का ‘डिटॉक्स’ या प्राकृतिक स्क्रब मानना सही नहीं है। शरीर से विषैले पदार्थ निकालने का मुख्य काम त्वचा का पसीना नहीं, बल्कि शरीर के दूसरे अंग करते हैं।
पसीने के बाद सफाई जरूरी
पसीना चेहरे पर लंबे समय तक जमा रहने से तेल, गंदगी और बैक्टीरिया के साथ मिलकर रोमछिद्र बंद कर सकता है और कुछ लोगों में मुंहासे बढ़ा सकता है। इसलिए पसीना आने के बाद चेहरा पानी से साफ करना बेहतर माना जाता है।
कैसे पाएं नेचुरल ग्लो?
ग्लो के लिए जबरदस्ती पसीना निकालने की जरूरत नहीं है। नियमित वॉक, योग, दौड़ या पसंदीदा व्यायाम पर्याप्त है। एक्सरसाइज के दौरान साफ तौलिये से चेहरे का पसीना हल्के हाथों से पोंछें और बाद में चेहरा साफ करें। पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। संवेदनशील या मुंहासे वाली त्वचा पर पसीने को रगड़ना या देर तक छोड़ना परेशानी बढ़ा सकता है। इसलिए पीएम मोदी की ‘पसीने वाली’ बात को एक प्रेरक संदेश की तरह देखा जा सकता है। स्वस्थ त्वचा के लिए असली फॉर्मूला नियमित गतिविधि, संतुलित देखभाल और पसीने के बाद सही सफाई है।












