मॉस्को पर बड़े ड्रोन हमले से हड़कंप, तेल रिफाइनरी और एयर ट्रैफिक पर पड़ा असर

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Major drone attack Moscow causes panic impacts oil refinery air traffic
Grok AI

नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष के बीच मॉस्को एक बार फिर बड़े ड्रोन हमले का निशाना बना. रूसी अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन ने राजधानी और उसके आसपास के क्षेत्रों पर व्यापक ड्रोन हमला किया, जिससे कई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा. हमले के बाद कई स्थानों पर आग लग गई और धुएं के गुबार दूर-दूर तक दिखाई दिए. सुरक्षा कारणों से मॉस्को के प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानों को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा.

तेल रिफाइनरी को हुआ नुकसान

रूसी प्रशासन ने बताया कि हमले का प्रमुख निशाना राजधानी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित एक बड़ी तेल रिफाइनरी थी. ड्रोन हमले के बाद वहां विस्फोट और आग लगने की घटनाएं सामने आईं. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें काफी ऊंचाई तक उठती दिखाई दीं और आसपास के इलाकों में धुएं का घना गुबार फैल गया.

रिपोर्टों के मुताबिक, रिफाइनरी के कुछ भंडारण टैंक और ईंधन प्रसंस्करण से जुड़े हिस्से प्रभावित हुए हैं. यह संयंत्र मॉस्को क्षेत्र की ईंधन आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए इस हमले ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ा दी हैं.

एयर डिफेंस सक्रिय, फिर भी कई ड्रोन पहुंचे लक्ष्य तक

रूस के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रातभर बड़ी संख्या में ड्रोन को मार गिराया. अधिकारियों के अनुसार, राजधानी की ओर बढ़ रहे कई ड्रोन रास्ते में ही नष्ट कर दिए गए, लेकिन कुछ ड्रोन सुरक्षा घेरा भेदने में सफल रहे और अपने निर्धारित लक्ष्यों तक पहुंच गए.

हमले के कारण कुछ व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों को भी नुकसान पहुंचा. कई इमारतों की खिड़कियां टूट गईं और कुछ स्थानों पर मलबा गिरने की खबरें सामने आईं. हालांकि शुरुआती जानकारी में किसी बड़े नागरिक नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है.

हवाई सेवाओं पर पड़ा असर

सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियात के तौर पर मॉस्को के प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानों के संचालन को कुछ समय के लिए रोक दिया. इस फैसले का असर सैकड़ों यात्रियों और कई उड़ानों पर पड़ा. अधिकारियों ने स्थिति सामान्य होने के बाद सेवाओं को धीरे-धीरे बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की.

यूक्रेन और रूस के अलग-अलग दावे

यूक्रेन की ओर से इस कार्रवाई को रणनीतिक और सैन्य लक्ष्यों पर केंद्रित बताया गया है. वहीं रूस ने इसे गंभीर उकसावे वाली कार्रवाई करार देते हुए कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला यूक्रेन की लंबी दूरी तक पहुंच रखने वाली ड्रोन क्षमता को दर्शाता है, जिसने युद्ध के नए आयाम सामने रख दिए हैं.

इस घटना ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष अब सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों देशों के लिए रणनीतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी सीधे प्रभावित कर रहा है.

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