नई दिल्ली: आज के दौर में बातचीन का मतलब सिर्फ मिलकर बात करना नहीं रहा है। वर्तमान समय में इंस्टाग्राम DM, व्हाट्सएप चैट और ग्रुप्स हमारी रोज की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। इसी के साथ ऑनलाइन बातचीत के कुछ अनकहे नियम भी बन गए हैं, जिसमें सबसे चर्चित मैसेज सीन करके छोड़ देना है। अक्सर हम देखते हैं कि सामने वाले ने मैसेज देख लिया, ऑनलाइन भी है, लेकिन जवाब नहीं दे रहा। पहली नजर में यह इग्नोर करना लगता है, पर Gen Z के लिए इसका मतलब हमेशा यही नहीं होता। नई जनरेशन ने डिजिटल कम्युनिकेशन को एक अलग नजरिये से देखना शुरू कर दिया है।
क्या है जेन जी का नजरिया?
जेन जी मानती है कि हर मैसेज का तुरंत जवाब देना जरूरी नहीं है। सीन करना सिर्फ इस बात का सिग्नल है कि मैसेज पढ़ लिया गया है। इसका यह मतलब नहीं कि उसी वक्त जवाब देने का मूड, एनर्जी या समय भी हो। उनके लिए ऑनलाइन दिखना और बात करने के लिए उपलब्ध होना, दो बिल्कुल अलग बातें हैं।
कई बार ऐसा भी होता है कि हम मैसेज पढ़कर सोचते हैं कि थोड़ी देर बाद फ्री होकर जवाब देंगे। लेकिन पढ़ाई, काम या दूसरी चीजों में उलझकर वह रिप्लाई दिमाग से ही निकल जाता है। ऐसे में सामने वाले को लगता है कि उसे जानबूझकर नजरअंदाज किया गया, जबकि सच्चाई कुछ और ही होती है।
क्यों मैजेस ‘Okay’ कहकर जेन जी खत्म कर देते है बात
इसके साथ ही जेन जी के बीच एक और ट्रेंड बेहद आम है, जो कि हर चैट को लंबा न खींचना है। बता दें, कई बार सिर्फ एक इमोजी रिएक्शन, ‘ओके’, ‘हां’ या ‘हम्म’ भेजकर बात खत्म कर दी जाती है। यह रूड होना नहीं, बल्कि बातचीत को वहीं रोकने का तरीका होता है। हर बार लंबे-लंबे पैराग्राफ की उम्मीद करना दूसरे व्यक्ति पर बेवजह का दबाव बनाता है।
हालांकि इसकी एक सीमा भी है। अगर कोई जरूरी, इमोशनल या ऑफिस से जुड़ा मैसेज है और उसे बार-बार सीन करके छोड़ा जा रहा है, तो यह गलत मैसेज देता है। खासकर करीबी रिश्तों में लगातार रिप्लाई न करना दूरी या नाराजगी के तौर पर देखा जा सकता है।
हर वक्त रिप्लाई नहीं है डिजिटल एटिकेट
इसलिए डिजिटल एटिकेट का मतलब यह नहीं कि हर वक्त रिप्लाई करो, बल्कि सामने वाले की फीलिंग्स का ध्यान रखो। अगर आप बिजी हैं तो एक छोटा सा मैसेज ‘अभी थोड़ा बिजी हूं, बाद में बात करता हूं’ काफी होता है। सबसे बड़ा बदलाव यही है कि Gen Z ने यह साफ कर दिया है कि 24 घंटे उपलब्ध रहना जरूरी नहीं है। फोन हाथ में होने का मतलब यह नहीं कि आप हर बातचीत के लिए तैयार हैं।












