पंजाब के स्टील सेक्टर में 5,400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश, उत्तर भारत का उभरता औद्योगिक केंद्र बना राज्य

0
8

पंजाब में पिछले एक वर्ष के दौरान स्टील सेक्टर में 5,400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आया है। इससे राज्य उत्तर भारत में स्टील उत्पादन के एक उभरते हुए केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और राज्य सरकार के अनुसार, प्रमुख औद्योगिक बाजारों के नजदीक होने, उद्योग अनुकूल नीतियों और निवेश को प्रोत्साहित करने वाली सुविधाओं के कारण पंजाब स्टील कंपनियों के लिए आकर्षक गंतव्य बन रहा है।

राज्य में मंडी गोबिंदगढ़ और लुधियाना स्टील उद्योग के दो प्रमुख केंद्र हैं। मंडी गोबिंदगढ़ में लगभग 300 औद्योगिक इकाइयां हैं, जिनमें फर्नेस और रोलिंग मिलें शामिल हैं। यह शहर भारत के सेकेंडरी स्टील बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं, लुधियाना में टेक्सटाइल, ऑटो पार्ट्स, साइकिल और हैंड टूल्स बनाने वाली बड़ी संख्या में इकाइयां मौजूद हैं। इन उद्योगों में स्टील की मांग लगातार बनी रहती है, जिससे यहां स्टील उत्पादन और प्रसंस्करण से जुड़ी कंपनियों को कारोबार बढ़ाने के अवसर मिलते हैं।

पंजाब में निवेश करने वाली प्रमुख कंपनियों में जेएसडब्ल्यू स्टील, टाटा स्टील और वर्धमान स्पेशल स्टील्स शामिल हैं। जेएसडब्ल्यू स्टील ने राजपुरा में अपने प्लांट के लिए 1,500 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। वहीं, टाटा स्टील ने लुधियाना में 2,600 करोड़ रुपये के निवेश से अपनी इकाई स्थापित की है। इसके अलावा, वर्धमान स्पेशल स्टील्स लुधियाना में 342 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। एआईएसआरएम मल्टीमेटल्स प्राइवेट लिमिटेड ने जसपाल्लों गांव में 1,003.57 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है।

मंडी गोबिंदगढ़ फर्नेस एसोसिएशन के अध्यक्ष महिंदर पाल गुप्ता के अनुसार, स्टील उद्योग में अब ग्रीन स्टील और विशेष किस्म के स्टील के उत्पादन की ओर बदलाव देखने को मिल रहा है। रिसाइकिल किए जा सकने वाले धातु स्क्रैप की उपलब्धता के कारण स्क्रैप आधारित उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है। इस प्रक्रिया में पुराने धातु उत्पादों को दोबारा इस्तेमाल करके स्टील बनाया जाता है, जिससे उत्पादन के तरीकों को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिल सकती है।

उद्योग एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री ने कहा कि विशेष स्टील, मिश्र धातु और ऑटोमोबाइल ग्रेड स्टील की बढ़ती मांग ने पंजाब में निवेश को आकर्षित किया है। राज्य में प्रतिस्पर्धी बिजली दरें, स्थिर औद्योगिक बिजली शुल्क और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस जैसी सुविधाएं भी कंपनियों के लिए फायदेमंद साबित हो रही हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here