पीएम मोदी ने 51000 युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के 51 हजार से अधिक युवाओं को केंद्र सरकार की विभिन्न नौकरियों के लिए वर्चुअल माध्यम से नियुक्ति पत्र सौंपे. इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल रोजगार पाने का अवसर नहीं, बल्कि देश निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की जिम्मेदारी भी है.

विकसित भारत के लक्ष्य पर क्या बोले पीएम?

उन्होंने कहा कि नए नियुक्त कर्मचारी भारत की विकास यात्रा के अहम सहयोगी बनने जा रहे हैं. प्रधानमंत्री ने बताया कि चयनित युवाओं को रेलवे, बैंकिंग, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी. उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में “विकसित भारत” के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी. सरकार का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ना भी है.

पीएम मोदी ने भारत की बढ़ती वैश्विक भागीदारी और उससे मिलने वाले अवसरों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों के साथ भारत की मजबूत होती साझेदारियां भारतीय स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं और पेशेवर युवाओं के लिए नए रास्ते खोल रही हैं. इन अंतरराष्ट्रीय सहयोगों के जरिए भारतीय युवाओं को आधुनिक तकनीक, वैश्विक बाजारों और नई विशेषज्ञताओं तक पहुंच मिल रही है.

पीएम ने युवा शक्ति को सराहा

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया उन्हीं देशों को महत्व देती है जो बड़े स्तर पर नवाचार करते हैं, निर्माण क्षमता बढ़ाते हैं और तेजी से परिणाम देने की क्षमता रखते हैं. भारत इन तीनों क्षेत्रों में लगातार आगे बढ़ रहा है और इसके पीछे देश की युवा शक्ति सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने कहा कि विदेश दौरों के दौरान भी भारत के युवाओं की प्रतिभा और क्षमता की चर्चा प्रमुखता से होती है.

भविष्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार के नए क्षेत्रों पर बात करते हुए पीएम मोदी ने क्लीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, क्रिटिकल मिनरल्स और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग को आने वाले समय के बड़े अवसर बताया. उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में तेजी से निवेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ रहा है, जिससे रोजगार और उद्योग दोनों का विस्तार होगा.

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि स्वीडन, नॉर्वे और इटली जैसे देशों के साथ ग्रीन टेक्नोलॉजी और सतत विकास से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है. वहीं, यूएई और नॉर्वे के साथ बढ़ती भागीदारी भारत के शिपबिल्डिंग सेक्टर को नई मजबूती देगी. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाते हुए देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान दें.

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