नई दिल्ली: शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के लिए घरों में तैयारियां शुरू हो जाती हैं। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में घटस्थापना, अखंड ज्योति, माता के श्रृंगार और हवन का विशेष महत्व माना जाता है। पूजा के दौरान किसी जरूरी चीज की कमी न रहे, इसके लिए बेहतर है कि सभी सामग्री पहले से जुटाकर रख ली जाए। अगर आप भी नवरात्रि की तैयारी कर रहे हैं, तो यहां देखें घटस्थापना से लेकर हवन तक के लिए जरूरी सामान की पूरी लिस्ट।
घटस्थापना के लिए जरूरी सामग्री
नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ पूजा की शुरुआत होती है। इसके लिए मिट्टी का पात्र, साफ मिट्टी, जौ, जल से भरा कलश, आम या अशोक के पत्ते, नारियल, लाल कपड़ा या चुनरी, गंगाजल और कलश में डालने के लिए सिक्का रख लें। कलश के लिए स्टील, तांबे या पीतल के बर्तन का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
नवरात्रि पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट
मां दुर्गा की नियमित पूजा के लिए इन चीजों को पहले ही इकट्ठा कर लें जैसे की पूजा के लिए मां दुर्गा और गणेश जी की प्रतिमा या तस्वीर, लकड़ी की चौकी, लाल कपड़ा, रोली, चंदन, अक्षत और कलावा रख ले। इसके अलावा ताजे फूल, फूलों की माला, धूप, अगरबत्ती, कपूर, दीपक, रुई की बत्ती और शुद्ध देसी घी की जरूरत होती है तो ये सब भी रख ले। और जब भोग और पूजा करते हैं तो उसके लिए ये चीज़ें पहले ही रख ले जैसे कि लौंग, इलायची, जायफल, पान, सुपारी, पंचमेवा, मिश्री और मौसमी फल भी पहले से खरीदकर रख लें। पंचामृत बनाने के लिए दूध, दही, घी, शहद और शक्कर की व्यवस्था करना न भूलें।
मां दुर्गा के श्रृंगार के लिए सामान
नवरात्रि में माता रानी का श्रृंगार भी पूजा का अहम हिस्सा माना जाता है। इसके लिए लाल चुनरी, लाल वस्त्र, बिंदी, सिंदूर, चूड़ियां, मेहंदी, काजल, पायल, इत्र, कंघी और ज्वलरी जो पहनाइए जाती है तो ये सब पहले ही मांग के रख लें। अपनी पूजा की परंपरा के अनुसार श्रृंगार की अन्य सामग्री भी शामिल कर लें, जो आपके यहां इस्तेमाल होती हो।
नवरात्रि हवन के लिए क्या-क्या चाहिए?
अष्टमी या नवमी पर हवन करने की परंपरा है। इसके लिए हवन कुंड, आम की लकड़ी, सूखा नारियल और हवन सामग्री की व्यवस्था कर लें। हवन में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और विधि परिवार की परंपरा या पुरोहित के निर्देश के अनुसार ही रखी जाती है।
पूजा से पहले कर लें पूरी तैयारी
नवरात्रि शुरू होने से पहले पूजा की सामग्री की एक बार जांच कर लें। इससे ऐन वक्त पर जरूरी सामान ढूंढने की परेशानी नहीं होगी और आप पूरे मन से मां दुर्गा की आराधना कर सकेंगे। ध्यान रखें कि पूजा में सामग्री के साथ-साथ साफ-सफाई, श्रद्धा और अपनी परंपरा के अनुसार विधि का पालन करना भी महत्वपूर्ण है।












