बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है. मुख्यमंत्री पद से सिद्धारमैया ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने लोकभवन पहुंचकर अपना इस्तीफा राज्यपाल के सचिव को सौंपा. दरअसल, राज्यपाल थावरचंद गहलोत इस समय बेंगलुरु में मौजूद नहीं हैं. इसलिए उनका इस्तीफा सीधे राज्यपाल को नहीं दिया जा सका. माना जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान के फैसले के बाद अब डी.के. शिवकुमार राज्य के अगले मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालेंगे.
डी.के. शिवकुमार होंगे अगले सीएम
इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने पार्टी हाईकमान के निर्देशों का पालन किया है. उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने जो फैसला लिया, उसे उन्होंने पूरी तरह स्वीकार किया. साथ ही उन्होंने नई सरकार को अपना पूरा समर्थन देने की बात भी दोहराई. सिद्धारमैया ने कहा कि डी.के. शिवकुमार अब कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री होंगे और सरकार बहुमत के साथ आगे बढ़ेगी.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सिद्धारमैया ने बताया कि वे लोकभवन गए थे और वहां मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया. उन्होंने कहा कि राज्यपाल फिलहाल शहर से बाहर हैं और रात तक बेंगलुरु लौटने की संभावना है. ऐसे में उन्होंने अपना पत्र राज्यपाल के सचिव को सौंप दिया है. उन्होंने भरोसा जताया कि राज्यपाल लौटने के बाद संवैधानिक प्रक्रिया के तहत उनका इस्तीफा स्वीकार कर लेंगे.
उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार मुख्यमंत्री का इस्तीफा स्वीकार करना और नई सरकार के गठन का रास्ता साफ करना राज्यपाल की जिम्मेदारी होती है. सिद्धारमैया ने यह भी कहा कि वे पहले से ही सार्वजनिक रूप से यह बात कहते रहे हैं कि जब भी पार्टी नेतृत्व उन्हें पद छोड़ने के लिए कहेगा, वे तुरंत इस्तीफा दे देंगे. अब जब आलाकमान का निर्देश मिला, तो उन्होंने बिना किसी देरी के अपना पद छोड़ दिया.
सिद्धारमैया ने राजनीतिक सफर को किया याद
सिद्धारमैया ने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कांग्रेस नेतृत्व, पार्टी कार्यकर्ताओं, विधायकों और सांसदों का आभार जताया. उन्होंने कहा कि 2006 में कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्हें लगातार पार्टी का समर्थन और प्यार मिला. उन्होंने बताया कि वे पहली बार 2013 से 2018 तक मुख्यमंत्री रहे और फिर 2023 में दोबारा इस पद की जिम्मेदारी संभाली. उन्होंने अपने कार्यकाल में सहयोग देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया और कहा कि वे आगे भी पार्टी और नई सरकार के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे.
















