बिहार: पटना के गांधी मैदान में छात्रों के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले ही माहौल तनावपूर्ण हो गया. छात्रों को मैदान तक पहुंचने से रोकने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी, जिसके बाद पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. प्रशासन ने किसी भी तरह की अव्यवस्था रोकने के लिए पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. गांधी मैदान और उसके आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है.
प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंच रहे छात्रों को पुलिस लगातार रोक रही है. कई छात्रों को हिरासत में लेकर मौके से हटाया गया है. पुलिस किसी भी समूह को गांधी मैदान के आसपास एकत्र होने की अनुमति नहीं दे रही है. प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाना चाहते हैं. प्रदर्शनकारी छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.
छात्रों के समर्थन में पहुंचे तेज प्रताप यादव भी हिरासत में
जानकारी के मुताबिक, वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता और अन्य छात्र लगातार गांधी मैदान पहुंचने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि, पुलिस ने उन्हें मैदान तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया. कुछ छात्रों को हिरासत में लेकर पुलिस वाहनों के जरिए दूसरे स्थानों पर भेजा गया. प्रशासन की ओर से कहा गया है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है. पुलिस की ओर से पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है.
छात्रों के प्रदर्शन के बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेज प्रताप यादव भी उनके समर्थन में गांधी मैदान पहुंचे. हालांकि, पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया. हिरासत में लिए जाने के बाद तेज प्रताप यादव ने छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि वह युवाओं के संघर्ष में उनके साथ खड़े हैं और उनके अधिकारों की लड़ाई में हर संभव समर्थन देने को तैयार हैं. तेज प्रताप यादव की हिरासत के बाद राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है. विपक्षी नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. वहीं, प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.
डाकबंगला चौराहे पर पुलिस और छात्रों में झड़प
पटना के डाकबंगला चौराहे पर भी छात्रों के प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ गई. पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की तो कुछ लोगों की ओर से पुलिस टीम पर पथराव किए जाने की बात सामने आई. इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद इलाके में सुरक्षा और बढ़ा दी गई है.
कई जिलों से भी पथराव की खबरें
पटना के अलावा बिहार के कुछ अन्य जिलों में भी प्रदर्शन के दौरान पथराव की घटनाएं सामने आई हैं. छपरा, सहरसा और भागलपुर से ऐसी घटनाओं की जानकारी मिली है. प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को सतर्क रखा गया है. प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील भी की जा रही है.
दिल्ली में भी कई दिनों से जारी है प्रदर्शन
छात्रों से जुड़ा यह विरोध प्रदर्शन केवल पटना तक सीमित नहीं है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी पिछले पांच दिनों से युवा प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं. प्रदर्शनकारियों ने शनिवार रात तक सरकार को अपनी मांगों पर फैसला लेने का समय दिया है.
यह आंदोलन कॉकरोच पार्टी (CJP) के समर्थन में चल रहा है और इसकी अगुवाई पार्टी अध्यक्ष अभिजीत दीपके कर रहे हैं. हालांकि, प्रदर्शन के बीच अभिजीत दीपके की तबीयत खराब होने की खबर भी सामने आई है. जांच के बाद उनमें टाइफाइड की पुष्टि होने की बात कही गई है. इसके बावजूद प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलचल लगातार बनी हुई है.












