नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक पुरुष महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में खड़ा दिखाई दे रहा है। दावा है कि कई स्टेशन गुजरने के बाद भी वह कोच से बाहर नहीं निकला। यहां तक कि सिक्योरिटी के समझाने और डांटने के बाद भी वह वहीं खड़ा रहा। इस घटना को लेकर महिलाओं ने नाराजगी जताई है और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) से नियमों का सख्ती से पालन कराने की मांग की है।
यह वीडियो इंस्टाग्राम पर @simranpatel2001 नाम के अकाउंट से पोस्ट किया गया है। वीडियो में दिल्ली मेट्रो के महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में एक पुरुष यात्रियों के बीच खड़ा नजर आ रहा है। वीडियो साझा करने वाली महिला ने बताया कि इस तरह की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं। उनके मुताबिक, महिलाओं के कोच में अक्सर एक या कई पुरुष चढ़ जाते हैं। महिला ने अपनी पोस्ट में DMRC को टैग करते हुए सवाल उठाया कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद आरक्षित कोच में नियमों के पालन और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
सिक्योरिटी के समझाने पर भी नहीं उतरा पुरुष
सिमरन पटेल के मुताबिक, वह खुद उसी कोच में मौजूद थीं, जिसमें वह पुरुष चढ़ा था। शुरुआत में यह माना जा सकता था कि वह गलती से महिलाओं के कोच में आ गया हो, लेकिन कई स्टेशन गुजरने के बाद भी वह बाहर नहीं निकला। दावा है कि सिक्योरिटी के डांटने के बावजूद वह कोच में ही खड़ा रहा। नियमों के अनुसार, पुरुष यात्रियों को महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में सफर करने की अनुमति नहीं है। ऐसा करने पर 250 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
महिलाओं के कोच में पुरुषों के प्रवेश का मामला पहले भी कई बार चर्चा में रहा है। सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में पुरुषों को कोच से बाहर जाने के लिए कहने पर बहस करते या बात अनसुनी करते देखा गया है। महिलाओं का कहना है कि इससे उन्हें असहज महसूस होता है, खासकर तब जब सामान्य कोच में जगह उपलब्ध होती है।
DMRC के नियमों के मुताबिक, ऐसी स्थिति में यात्री इमरजेंसी बटन के जरिए ट्रेन के ड्राइवर से संपर्क कर सकती हैं, ताकि अगले स्टेशन पर सुरक्षा कर्मियों को सूचना दी जा सके। इसके अलावा 155370 हेल्पलाइन पर शिकायत करने के साथ DMRC के आधिकारिक ऐप या एक्स हैंडल के जरिए भी मामला उठाया जा सकता है। हालांकि, कुछ महिलाओं का कहना है कि शिकायत के बावजूद तुरंत कार्रवाई नहीं हो पाती।












