नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों बांग्लादेश के एक शख्स की कहानी चर्चा में है। दावा किया जा रहा है कि भीख मांगकर अपना गुजारा करने वाले इस व्यक्ति की 21 पत्नियां हैं। हैरानी की बात यह है कि वह अपनी सभी पत्नियों के नाम भी याद नहीं रख पाता। वायरल वीडियो और उससे जुड़ी खबरों के सामने आने के बाद लोग इस शख्स की जिंदगी को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। हालांकि, उसकी शादियों से जुड़े दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
वायरल खबरों में इस व्यक्ति का नाम मोरू मियां बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने अपनी शादीशुदा जिंदगी के बारे में स्थानीय मीडिया से बातचीत की। उसका कहना है कि उसने खुद किसी महिला के सामने शादी का प्रस्ताव नहीं रखा। बल्कि, महिलाएं ही उसके पास शादी की इच्छा लेकर आती थीं। वह उनके प्रस्ताव को ठुकरा नहीं पाता था और इसी तरह उसकी पत्नियों की संख्या बढ़ती चली गई।
भीख मांगकर चलता है घर का खर्च
दावा है कि मोरू मियां की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है और वह भीख मांगकर अपना खर्च चलाता है। बताया जाता है कि वह एक छोटे से कमरे में रहता है। उसकी दिनचर्या भी लोगों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है। वायरल जानकारी के अनुसार, भीख मांगने के दौरान उसकी पत्नियों में से एक उसके साथ जाती है और दूसरी बार किसी अन्य पत्नी की बारी आती है।
For Meru Mia (35), it is a big problem to remember the names of his wives Because he is married to 21 women, and he just remembers 8 of their names He is a beggar, he earns his living from begging Each day, he rotates schedules and takes one of his wives along with him while he begs
— Tushar ॐ♫₹ (@Tushar_KN) October 6, 2026
आठ पत्नियों के नाम ही याद!
इस कहानी का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा तब सामने आया, जब मोरू मियां से उसकी पत्नियों के नाम पूछे गए। दावा है कि वह 21 में से केवल आठ पत्नियों के नाम ही बता पाया। इनमें शीला, नरगिस, सेलेना, आलिया, तारा, ज्योत्सना, राबिया और पारुल के नाम शामिल हैं। मोरू मियां की कहानी को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे मजाकिया अंदाज में देख रहे हैं, जबकि दूसरे लोग इतने बड़े परिवार के खर्च और उसकी जिम्मेदारियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
नोट: मोरू मियां की 21 शादियों और वायरल वीडियो से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन जानकारियों को सत्यापित तथ्य के बजाय वायरल दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।












