कोडरमा: कोडरमा में एक बार फिर हाथियों का आतंक सामने आया है. हाथियों के एक झुंड ने एक युवक को कुचलकर मार डाला. सतगावां गांव के कटिया टोले के रहने वाले शिवनंदन प्रसाद यादव के बेटे रोहित कुमार अपने घर के बाहर सो रहे थे. हाथियों के झुंड ने गांव के बाहर बने पंचायत भवन को भी नुकसान पहुंचाया.
वन विभाग की लापरवाही के विरोध में स्थानीय लोगों ने सतगावां चौक को जाम कर दिया. झारखंड के विभिन्न जिलों से हाथियों के आतंक की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. 11 अप्रैल को झारखंड के सरायकेला-खरसावां में हाथियों ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को कुचलकर मार डाला था.
हाथियों ने कैसे मचा रखा है आतंक?
इसके अलावा हाथियों के झुंड नियमित रूप से विभिन्न इलाकों के गांवों में घुस आते हैं, जिससे लोगों की जान जाती है और घरों तथा फसलों को भारी नुकसान पहुंचता है. इस मामले में वन विभाग की लगातार लापरवाही के कारण लोगों की जान, फसलें और घर बर्बाद हो रहे हैं.
कितने लोगों की हो चुकी है मौत?
जिले में अब तक हाथियों के कारण चार लोगों की जान जा चुकी है. कोडरमा में लगभग एक महीने के भीतर हाथियों के हमलों में चार लोगों की जान जा चुकी है. हाथियों के लगातार हमलों और उनकी आवाजाही के बावजूद, वन विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है.
स्थानीय लोगों ने क्या बताया?
लगभग एक महीने में कोडरमा में दो लोगों की मौत हुई है, जबकि मरकच्चो और सतगावां में एक-एक व्यक्ति की जान गई है. घटना के बाद रविवार सुबह तक वन विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हाथियों के आतंक से निजात दिलाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं और प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए.
शनिवार रात को सतगावां में हुई घटना के बाद से रविवार सुबह 10:00 बजे तक वन विभाग का कोई भी कर्मचारी या अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था. ग्रामीणों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है.
















