नई दिल्ली: नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने रसुवा और नुवाकोट में भारी तबाही मचा दी है. तेज पानी और मलबे ने घरों, सड़कों, पुलों और कई जरूरी ढांचों को नुकसान पहुंचाया. अब नेपाल से आने वाली नदियों को लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार में भी चिंता बढ़ गई है. हालांकि, इसी बीच नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग से फिलहाल राहत देने वाली जानकारी सामने आई है.
नेपाल के फ्लड फोरकास्टिंग डिवीजन के मुताबिक, रसुवा और नुवाकोट में एक और बड़ी बाढ़ आने की कोई पुख्ता जानकारी अभी नहीं है. बारिश के कारण नदियों का जलस्तर कुछ बढ़ सकता है, लेकिन फिलहाल किसी नए बड़े सैलाब के संकेत नहीं मिले हैं. विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि वाली खबरों और सोशल मीडिया अफवाहों पर भरोसा न करें. अगर आगे बाढ़ का गंभीर खतरा बनता है, तो इसकी जानकारी सरकारी माध्यमों या जरूरत पड़ने SMS अलर्ट के जरिए दी जाएगी.
क्या UP-बिहार से टला बाढ़ का खतरा?
नेपाल की इस जानकारी से उत्तर प्रदेश और बिहार को फिलहाल थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन बाढ़ का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. नेपाल के पहाड़ी इलाकों में बारिश जारी रहने पर नदियों का पानी बढ़ सकता है, जिसका असर सीमा से सटे भारतीय क्षेत्रों में भी पड़ सकता है.
नेपाल के ऊपरी इलाकों में तेज बारिश होने पर गंडक नदी में पानी तेजी से बढ़ सकता है. इसी वजह से पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण और वैशाली समेत गंडक बेसिन के जिलों पर नजर रखी जा रही है. वहीं, कोसी नदी से जुड़े सुपौल, सहरसा, मधेपुरा और अररिया जैसे जिलों में भी हालात की लगातार निगरानी जरूरी है. नेपाल से आने वाले पानी के कारण इन इलाकों में नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका है.
यूपी में भी प्रशासन अलर्ट
उत्तर प्रदेश के नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों में भी प्रशासन नदियों के जलस्तर और बारिश की स्थिति पर नजर बनाए हुए है. महराजगंज और कुशीनगर जैसे जिलों में खास सावधानी बरती जा रही है. हालांकि नेपाल से फिलहाल किसी दूसरी बड़ी बाढ़ का अलर्ट नहीं आया है, इसलिए तत्काल बड़े खतरे की आशंका कम हुई है.












