शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहां दो बुजुर्गों साधुओं को एक पुराने जमीन विवाद के चलते तख्त से बांधकर जिंदा आग के हवाले कर दिया गया। यह घटना गांव के पश्चिम में स्थित हनुमान मंदिर की है, जहां रात करीब एक बजे यह वारदात हुई। मृतकों की पहचान गोपाल दास और बड़े दास के रूप में हुई है, जिनमें से बड़े दास दिव्यांग बताए जा रहे थे। दोनों ही बुजुर्ग लंबे समय से इसी मंदिर में रहकर पूजा-पाठ करते थे और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी उठाते थे।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह मंदिर सुमित सिंह नाम के युवक के परिवार की जमीन पर बना हुआ है, और वह लंबे समय से इस पर कब्जा करना चाहता था। इसी जमीनी विवाद को लेकर उसका दोनों वृद्धों से पहले से तनाव चल रहा था। आरोप है कि बुधवार रात सुमित गांव में घूमते हुए पहले काल सिंह स्थान पहुंचा, जहां उसने लाइट तोड़ दी। इसके बाद वह हनुमान मंदिर पहुंचा, जहां दोनों बुजुर्गों से उसकी तीखी बहस हो गई।
तख्त से बांधकर लगाई आग
पुलिस के मुताबिक इसके बाद सुमित ने कथित तौर पर दोनों वृद्धों के साथ मारपीट की, उन्हें तख्त से बांध दिया और मंदिर परिसर व आसपास से जुटाई गई लकड़ियों से आग लगा दी। आग की लपटों में झुलसकर दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
दो महीने पहले ही जेल से छूटा था आरोपी
गांव वालों के मुताबिक आरोपी सुमित सिंह करीब दो महीने पहले ही जेल से रिहा होकर आया था। उसके खिलाफ पहले से एससी-एसटी एक्ट और कार जलाने सहित कई मामलों में मुकदमे दर्ज हैं, और वह पहले भी आगजनी की घटनाओं में शामिल रहा बताया जाता है। यह भी सामने आया है कि उसके पिता का नाम भी हिस्ट्रीशीटर के तौर पर दर्ज है। हालांकि आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड और इस वारदात की असली वजह की पुख्ता पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगी।
दो बुजुर्गों को इस तरह बांधकर जिंदा जला देने की इस वारदात ने पूरे गांव में दहशत फैला दी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जमीन विवाद की पूरी पृष्ठभूमि, वारदात के तरीके और आरोपी की भूमिका को लेकर गहन पड़ताल की जा रही है।












