गांधी जयंती पर जंतर-मंतर में सियासी भूचाल! CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर 500 से ज्यादा हिरासत में

0
7

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में गांधी जयंती के दिन शुक्रवार को जंतर-मंतर के आसपास उस वक्त सियासी तापमान बढ़ गया, जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन का मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठाते हुए जोरदार नारेबाजी की। पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा का घेरा मजबूत किया और जंतर-मंतर तथा आसपास के इलाकों से 500 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी, सौरभ भारद्वाज, संजीव झा और राज्यसभा सांसद संजय सिंह समेत कई राजनीतिक कार्यकर्ता नजर आए। छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पुलिस ने कई नेताओं और प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाकर हिरासत में लिया।

जंतर-मंतर बना सियासी अखाड़ा

सुबह से ही जंतर-मंतर और नई दिल्ली के आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। प्रदर्शनकारियों के पहुंचने से पहले ही पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी थी। प्रदर्शनकारी जैसे-जैसे निर्धारित क्षेत्र की ओर बढ़े पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच खींचतान की स्थिति बनी और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की रही। उनका आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर स्पष्टीकरण जरूरी है। ये प्रदर्शनकारी इन्हीं मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रहे थे।

नारेबाजी के बीच पुलिस का एक्शन

जंतर-मंतर का इलाका कुछ समय के लिए नारों और विरोध-प्रदर्शन से गूंजता रहा। प्रदर्शनकारी हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करते दिखाई दिए। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया और कई लोगों को बसों में बैठाकर अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया। दिल्ली पुलिस की ओर से नई दिल्ली जिले में निषेधात्मक प्रावधान लागू किए गए थे और प्रदर्शन की अनुमति को लेकर भी पुलिस ने पहले से आपत्ति जताई थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में जंतर-मंतर के आसपास पहुंचे।

आतिशी समेत कई नेता हिरासत में

प्रदर्शन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी, सौरभ भारद्वाज, संजीव झा और छात्र संगठनों से जुड़े कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। राज्यसभा सांसद संजय सिंह को भी प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोके जाने की रिपोर्ट सामने आई। पुलिस सूत्रों के अनुसार जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों से 500 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।

सुरक्षा का कड़ा पहरा, यातायात पर भी असर

प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही। जंतर-मंतर के आसपास बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई और पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई। यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए कई मार्गों पर भी निगरानी बढ़ाई गई।प्रदर्शन के मद्देनजर आसपास के कई मेट्रो स्टेशनों पर भी प्रवेश और निकास को लेकर प्रतिबंध लगाए गए। कुछ रिपोर्टों के अनुसार प्रदर्शन स्थल और आसपास के क्षेत्र में इंटरनेट सेवाओं पर भी अस्थायी रोक लगाई गई।

दिल्ली से मुंबई तक गूंजा विरोध

सीईसी के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। मुंबई में भी चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन आयोजित किया गया। वहां प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में बदलाव और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए।दिल्ली में विपक्षी दलों और छात्र संगठनों के प्रदर्शन ने राजधानी की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। प्रदर्शनकारियों की ओर से अपनी मांगों को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए गए हैं, जबकि पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना रही।

सियासत की सड़क पर बढ़ा तापमान

जंतर-मंतर पर हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर चुनाव प्रक्रिया मतदाता सूची और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस को सड़क पर ला दिया है। एक तरफ प्रदर्शनकारी इस्तीफे की मांग को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ पुलिस ने कानून-व्यवस्था के मद्देनजर बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लेकर स्थिति को नियंत्रित किया। अब सबकी नजर इस बात पर है कि इस विरोध की अगली तस्वीर क्या होगी—क्या सियासी संग्राम और तेज होगा या फिर बातचीत और संवैधानिक प्रक्रिया के रास्ते से विवाद का समाधान तलाशा जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here