नई दिल्ली: टेक्सास की एक फेडरल कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने राज्य के बिग बेंड इलाके में बॉर्डर वॉल और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह रोक अस्थायी है, लेकिन इसे प्रोजेक्ट का विरोध करने वालों की बड़ी जीत माना जा रहा है। यह निर्माण ट्रंप प्रशासन की 46 अरब डॉलर की बड़ी योजना का हिस्सा है। इसके तहत दक्षिणी सीमा पर 30 फीट ऊंची स्टील की दीवारें खड़ी की जानी हैं। साथ ही वाहनों को रोकने वाले बैरियर, सड़कें और निगरानी की आधुनिक तकनीक भी लगाई जानी है।
जज कैथलीन कार्डोने ने कहा कि मुकदमा करने वाले पक्ष अपने दावों में मजबूत नजर आ रहे हैं। उन्होंने यह भी माना कि अगर निर्माण पर रोक नहीं लगी, तो उन्हें गंभीर नुकसान झेलना पड़ सकता है। इस फैसले पर कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन और डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी की तरफ से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
विरोध करने वालों की दलील
स्थानीय जमीन मालिक, कारोबारी और पर्यावरण से जुड़े संगठन इस प्रोजेक्ट के खिलाफ एक साथ आ गए थे। उनका कहना है कि बिग बेंड का इलाका बेहद दूर-दराज और दुर्गम है। यहां की प्राकृतिक बनावट ही अवैध घुसपैठ को काफी हद तक रोक देती है, इसलिए दीवार की जरूरत नहीं है। उनका आरोप है कि प्रशासन ने नियमों को किनारे रखकर कई छूट दे दीं और कानून तोड़ा।
याचिका दायर करने वालों की प्रतिक्रिया
यह केस सेंटर ऑफ बायोलॉजिकल डायवर्सिटी ने दायर किया था। संगठन के लाइकेन जोर्डहल ने फैसले को पूरी जीत बताया। उनके मुताबिक अंतिम फैसला आने तक वहां बुलडोजर वापस लौटकर काम नहीं कर सकेंगे। उन्होंने इसे बिग बेंड, टेक्सास और संविधान के लिए ऐतिहासिक दिन करार दिया।
यह आदेश ऐसे वक्त आया है, जब प्रशासन ने कुछ ही हफ्ते पहले बिग बेंड सेक्टर में बॉर्डर वॉल के पहले पैनल लगाए थे। यानी काम शुरू होते ही उस पर ब्रेक लग गया है। फिलहाल निर्माण रुका रहेगा। अब सबकी नजर इस पर है कि मामले की आगे की सुनवाई में अदालत क्या रुख अपनाती है और क्या प्रशासन इस आदेश को ऊपरी अदालत में चुनौती देगा।












