नई दिल्ली: होर्मुज जलडमरूमध्य में कुवैत के झंडे वाले तेल टैंकर MT काजिमाह III पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। राहत की बात यह रही कि जहाज पर सवार पांचों भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया। ओमान में मौजूद भारतीय दूतावास ने इस रेस्क्यू में अहम भूमिका निभाई। दूतावास की मदद से सभी भारतीयों को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया गया। शुक्रवार को दूतावास ने X पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी और बचाव में सहयोग के लिए ओमान के अधिकारियों का शुक्रिया अदा किया। यह कच्चे तेल का टैंकर फिलहाल कुवैत के झंडे के तहत चल रहा है। इसका रुख टोगो के लोमे बंदरगाह की ओर था। हमले के वक्त जहाज अपने सफर पर ही था।
Earlier today, the Mission coordinated rescue of five Indian nationals on board the Kuwait-flagged tanker MT Kazimah III, struck by a projectile in the Strait of Hormuz.
All 5 Indian nationals have been shifted ashore safely.
We thank the Omani authorities for their continued…
— India in Oman (Embassy of India, Muscat) (@Indemb_Muscat) October 2, 2026
भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर नजर
यह घटना ऐसे वक्त हुई है, जब भारत फारस की खाड़ी में काम कर रहे अपने नाविकों की सुरक्षा पर लगातार निगाह रखे हुए है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक इस क्षेत्र में अलग-अलग व्यावसायिक जहाजों पर साढ़े चार हजार से ज्यादा भारतीय नाविक तैनात हैं। इनमें से करीब 163 नाविक 12 मालवाहक जहाजों पर सवार हैं।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने हाल ही में कहा था कि जहाजों की आवाजाही और नाविकों की सुरक्षा पर भारत की पैनी नजर है। उन्होंने दोहराया था कि भारत विदेशों में काम कर रहे अपने समुद्री समुदाय की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
फारस की खाड़ी, लाल सागर और काला सागर जैसे अहम समुद्री मार्गों पर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। कई जगह व्यावसायिक जहाजों पर हमलों की घटनाएं भी सामने आई हैं।
जयशंकर ने भी जताई थी चिंता
पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जहाजों और नाविकों पर हो रहे हमलों पर चिंता जताई थी। उन्होंने इन हमलों को अस्वीकार्य बताया और तनाव कम करने की अपील की। साथ ही उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में आम कर्मचारियों की सुरक्षा, ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति और वैश्विक व्यापार को बनाए रखने के लिए तुरंत संयम बरतने की बात भी कही। पांचों भारतीयों का सुरक्षित बचना बड़ी राहत है, लेकिन इस घटना ने समुद्री रास्तों पर बढ़ते खतरे की ओर फिर ध्यान खींचा है।












