नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में लिया गया। विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद से निर्वाचन सदन की ओर मार्च कर रहे थे। यह प्रदर्शन मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर विपक्ष की नाराजगी के बीच हुआ।
मकर द्वार से शुरू हुआ मार्च
इंडिया ब्लॉक के सांसद संसद के मकर द्वार पर जुटे और वहां से चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर बढ़े। मार्च को देखते हुए मध्य दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। संसद भवन, विजय चौक, आकाशवाणी भवन और निर्वाचन सदन के आसपास बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए। कई जगह बैरिकेडिंग भी की गई थी।
#WATCH | Delhi | Congress MP Priyanka Gandhi Vadra detained during INDIA bloc MPs’ protest march to the Election Commission of India https://t.co/mZ64WwxAbl
— ANI (@ANI) October 6, 2026
विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन और वोटर रजिस्ट्रेशन से जुड़े फॉर्म 6 में बदलाव को लेकर कई सवाल हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर विपक्ष चुनाव आयोग से जवाब और अधिक पारदर्शिता की मांग कर रहा है।
CEC के इस्तीफे की मांग पर अड़े विपक्षी सांसद
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। विपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग को अपने फैसलों को लेकर जनता के सामने अधिक जवाबदेह होना चाहिए।
Gyanesh, it’s done, bro. Time to resign. #IndiaAllianceMarch https://t.co/9ZB6aJfakl
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 6, 2026
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि संस्था पर लोगों का भरोसा बना रहना जरूरी है। विपक्ष इस आंदोलन को अपने बड़े ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान का हिस्सा बता रहा है।
बीजेपी ने विपक्ष पर साधा निशाना
वहीं, बीजेपी ने इंडिया ब्लॉक के इस विरोध प्रदर्शन को राजनीति से प्रेरित बताया है। बीजेपी नेता संबित पात्रा ने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस अभियान के जरिए राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से मजबूत करने की कोशिश कर रही है। मतदाता सूची और फॉर्म 6 से जुड़े विवाद के बीच चुनाव आयोग ने विपक्ष के कुछ आरोपों को भ्रामक बताते हुए खारिज किया है। वहीं, मामले से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है। ऐसे में चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक टकराव आने वाले दिनों में और बढ़ने के आसार हैं।












