नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत आधुनिक एवं जन-केंद्रित बनाने की दिशा में सरकार ने एक साथ कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। त्यागराज स्टेडियम में ‘सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार की मौजूदगी में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी कई अहम पहलों का शुभारंभ किया गया। इन योजनाओं का उद्देश्य स्वास्थ्य व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने के साथ-साथ आम नागरिकों को बेहतर और अधिक पारदर्शी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।कार्यक्रम के दौरान सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा की। अब आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाला मासिक मानदेय 3 हजार रुपये से बढ़ाकर 6 हजार रुपये कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले को जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आशा कार्यकर्ताओं को मिला ‘दोगुना सम्मान’
आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य व्यवस्था की वह कड़ी हैं, जो सीधे घर-घर तक पहुंचकर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सेवाओं से जोड़ने का काम करती हैं। गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों की देखभाल से लेकर विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों को जमीनी स्तर पर पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रहती है। मानदेय दोगुना किए जाने से इन महिला स्वास्थ्यकर्मियों को आर्थिक राहत मिलने के साथ उनके योगदान को भी सम्मान मिलने का संदेश दिया गया है।
नवजात शिशुओं की स्क्रीनिंग के लिए ‘प्रोजेक्ट अनमोल’
कार्यक्रम में प्रोजेक्ट अनमोल की भी शुरुआत की गई। इसके तहत नवजात शिशुओं की उन्नत स्तर पर स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य नवजात बच्चों में संभावित स्वास्थ्य समस्याओं की समय रहते पहचान करना और जरूरत पड़ने पर उपचार की दिशा में जल्द कदम उठाना है। सरकार का जोर तकनीक के इस्तेमाल से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर है ताकि बीमारी की पहचान शुरुआती चरण में हो सके और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
जीबी पंत अस्पताल में समर्पित एसओटीटीओ केंद्र
कार्यक्रम के दौरान जीबी पंत अस्पताल में एक समर्पित एसओटीटीओ केंद्र भी शुरू किया गया। इस पहल के माध्यम से अंगदान एवं प्रत्यारोपण से संबंधित व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित तथा प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। अंगदान से जुड़ी व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बेहतर समन्वय और जरूरतमंद मरीजों तक सहायता पहुंचाने के लिए ऐसे केंद्रों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
नर्सिंग होम प्रबंधन भी होगा ऑनलाइन और पारदर्शी
स्वास्थ्य क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नर्सिंग होम प्रबंधन पोर्टल भी शुरू किया गया। इसके जरिए नर्सिंग होम से संबंधित प्रबंधन और आवश्यक प्रक्रियाओं को तकनीक के माध्यम से अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का मानना है कि डिजिटल व्यवस्था से स्वास्थ्य क्षेत्र में कामकाज की निगरानी बेहतर होगी और संबंधित प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी।
तकनीक और संवेदनशीलता बनेगी स्वास्थ्य व्यवस्था की नई पहचान
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत शुरू की गई इन पहलों के पीछे सरकार का फोकस तकनीक, मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था और संवेदनशील देखभाल के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समावेशी और विकसित भारत के विजन के अनुरूप दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में इन पहलों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।अब चुनौती इन योजनाओं को कागज से जमीन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की होगी। यदि इनका क्रियान्वयन निर्धारित तरीके से होता है तो नवजात स्वास्थ्य जांच से लेकर अंग प्रत्यारोपण और नर्सिंग होम प्रबंधन तक स्वास्थ्य व्यवस्था के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिल सकता है।












