मथुरा: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला अब एससी-एसटी आयोग के संज्ञान में पहुंच गया है। सोमवार को आयोग की सदस्य नीरज गौतम मथुरा पहुंचीं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर मामले में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली और जांच से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर अधिकारियों से जवाब मांगा।
आयोग की सदस्य ने पुलिस अधिकारियों को मामले में जल्द FIR दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रकरण की जांच उच्च स्तर पर और निष्पक्ष तरीके से कराई जाए। जांच के दौरान जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर CCTV फुटेज लीक होने पर सवाल
बैठक में घटना से जुड़े CCTV फुटेज के लगातार सोशल मीडिया पर सामने आने का मुद्दा भी उठा। नीरज गौतम ने पुलिस से सवाल किया कि जब घटना के बाद CCTV का DVR पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया था तो अलग-अलग फुटेज सोशल मीडिया तक कैसे पहुंच रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से इसकी जानकारी लेते हुए जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। आयोग की सदस्य ने कहा कि किसी भी आपराधिक मामले में CCTV समेत अन्य साक्ष्य बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में जांच से जुड़ी सामग्री के सार्वजनिक होने से जांच प्रभावित होने की आशंका रहती है। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया कि सोशल मीडिया पर सामने आ रहे फुटेज की सत्यता और स्रोत की भी जांच की जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि जांच से जुड़े साक्ष्यों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ या लापरवाही न हो।
25 सितंबर को हुई थी दीपक लोधी की मौत
बता दें कि रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की 25 सितंबर को चार मंजिला इमारत से गिरने के बाद मौत हो गई थी। घटना के बाद से ही उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामले में अब तक सामने आए कई CCTV वीडियो ने भी प्रकरण को और गंभीर बना दिया है। वहीं, FIR दर्ज होने में देरी को लेकर भी सवाल उठाए जाते रहे हैं। अब एससी-एसटी आयोग की सदस्य नीरज गौतम के हस्तक्षेप और FIR दर्ज कर उच्च स्तर पर जांच के निर्देश के बाद पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस को घटना से जुड़े सभी साक्ष्यों और CCTV फुटेज की जांच करते हुए मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी होगी।












