नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर से जुड़े घटनाक्रम में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रदर्शन स्थल के रूप में जंतर-मंतर की अधिसूचित स्थिति समाप्त किए जाने के बावजूद वहां कथित तौर पर निजी परिसर के रास्ते प्रवेश करने और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 14 सदस्यों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। इनमें सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे के नाम प्रमुख हैं। पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार तीनों के खिलाफ निवारक कानूनी प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की गई। इसके बाद विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अदालत ने सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया जबकि अजिंक्य शिंदे को छह महीने तक शांति और सद्व्यवहार बनाए रखने के लिए निजी मुचलके और पांच हजार रुपये की जमानत राशि पर पाबंद किया गया।
निजी परिसर से प्रवेश, पुलिस ने मौके पर रोका
दिल्ली पुलिस के अनुसार 13 अक्टूबर 2026 की सुबह सौरव दास, आशुतोष रांका, अजिंक्य शिंदे समेत सीजेपी के 14 सदस्य जंतर-मंतर पहुंचे। पुलिस का आरोप है कि इन लोगों ने निजी परिसर से होकर ऐसे स्थान में प्रवेश किया जिसे अब निर्धारित प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया गया है। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों ने सरकारी ड्यूटी निभा रहे पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डाली। इस घटनाक्रम के बाद सभी 14 लोगों को हिरासत में लिया गया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि इस मामले में थाना कनॉट प्लेस में प्राथमिकी संख्या 289/26 और थाना संसद मार्ग में प्राथमिकी संख्या 128/26 दर्ज की गई। दोनों प्राथमिकी 13 अक्टूबर 2026 की हैं। पुलिस के मुताबिक संबंधित मामलों में कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए सभी 14 लोगों को कानून के अनुसार पाबंद किया गया।
तीन प्रमुख सदस्यों पर निवारक कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे के कथित बार-बार कानून का उल्लंघन करने और सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए उनके खिलाफ निवारक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस ने यह भी कहा कि इंटरनेट पर सामाजिक माध्यमों के जरिए अन्य लोगों को इसी तरह की कथित गैरकानूनी गतिविधियों के लिए प्रेरित करने के आरोपों को भी ध्यान में रखा गया। तीनों को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। वहां भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धाराओं 126 और 170 के तहत कार्यवाही की गई। पुलिस की ओर से पेश किए गए विवरण और दोबारा कानून उल्लंघन की आशंका को ध्यान में रखते हुए अदालत ने सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
अजिंक्य शिंदे को छह महीने तक शांति बनाए रखने की पाबंदी
इसी मामले में अजिंक्य शिंदे को छह महीने तक शांति और अच्छा आचरण बनाए रखने के लिए पाबंद किया गया। पुलिस के मुताबिक उसे पांच हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानतदार के साथ बांड भरने का निर्देश दिया गया। इस प्रकार तीनों आरोपियों के मामले में अलग-अलग आदेश सामने आए दो को न्यायिक हिरासत और एक को निर्धारित अवधि तक शांति बनाए रखने की कानूनी पाबंदी।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था फिर चर्चा में
इस कार्रवाई के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की स्थिति और पुलिस की ड्यूटी में कथित बाधा जैसे मुद्दे एक बार फिर चर्चा में हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और कथित बार-बार के उल्लंघनों को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। वहीं मामले में लगाए गए आरोपों और संबंधित कानूनी कार्यवाही पर अंतिम निर्णय सक्षम न्यायिक प्राधिकारी की प्रक्रिया के अनुसार होगा।
Reported By : Pankaj Rai












