ट्रंप प्रशासन को कोर्ट से बड़ा झटका! CNN, MSNBC और POLITICO के पत्रकारों की व्हाइट हाउस में एंट्री पर नहीं लगेगी रोक

0
5

नई दिल्ली: अमेरिका में प्रेस की आजादी को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को अदालत से झटका लगा है। एक संघीय अदालत ने उस आदेश को आगे बढ़ा दिया है, जिसके तहत व्हाइट हाउस को CNN, MSNBC और POLITICO के पत्रकारों को प्रवेश से रोकने की कार्रवाई करने से मना किया गया था। अदालत के इस फैसले से फिलहाल इन मीडिया संस्थानों के पत्रकारों को व्हाइट हाउस में काम करने और अपनी रिपोर्टिंग जारी रखने का रास्ता मिल गया है।

यह मामला राष्ट्रपति प्रशासन और मीडिया संस्थानों के बीच चल रहे विवाद से जुड़ा है। अब इस पूरे मामले पर कानूनी लड़ाई आगे बढ़ेगी। अदालत ने फिलहाल पत्रकारों के अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए मौजूदा स्थिति बनाए रखने का फैसला किया है।

अदालत ने अभिव्यक्ति की आजादी का दिया हवाला

अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज टिमोथी केली ने मंगलवार को कहा कि CNN, MSNBC और POLITICO की ओर से संविधान में दिए गए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और उचित कानूनी प्रक्रिया के अधिकारों को लेकर किए गए दावों में दम नजर आता है। इससे पहले जज केली ने व्हाइट हाउस को संबंधित पत्रकारों के हार्ड पास यानी प्रेस प्रवेश प्रमाणपत्र बहाल करने का निर्देश दिया था। इन प्रमाणपत्रों की मदद से मान्यता प्राप्त पत्रकार व्हाइट हाउस में प्रवेश कर अपना काम कर सकते हैं।

पहले जारी किए गए अस्थायी आदेश की समय सीमा मंगलवार को खत्म होने वाली थी। ऐसे में जज ने प्रारंभिक निषेधाज्ञा जारी कर दी। इसका मतलब है कि मामले की सुनवाई पूरी होने तक संबंधित प्रतिबंधों के खिलाफ मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी।

ट्रंप की मीडिया से शिकायतों पर भी की टिप्पणी

अदालत ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया कि उसके आदेश को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मीडिया संबंधी चिंताओं को पूरी तरह खारिज करने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। जज केली ने कहा कि रिपोर्टिंग की सटीकता और निष्पक्षता को लेकर राष्ट्रपति की चिंताओं का अर्थ यह नहीं है कि सरकार के पास कोई अधिकार नहीं बचता। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा और गोपनीय जानकारी के गैरकानूनी खुलासे जैसे मामलों में सरकार की जिम्मेदारी का भी उल्लेख किया।

इस फैसले से CNN, MSNBC और POLITICO के पत्रकारों को फिलहाल राहत मिली है। हालांकि, अदालत ने अभी पूरे विवाद का अंतिम निपटारा नहीं किया है। आगे की सुनवाई में यह तय होगा कि पत्रकारों के प्रवेश पर रोक लगाने से जुड़े कदम कानूनी और संवैधानिक रूप से उचित थे या नहीं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here