नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए लोग तरह-तरह के वीडियो बनाते हैं, लेकिन कभी-कभी कोई नया आइडिया लोगों का ध्यान खींच लेता है। इन दिनों इंस्टाग्राम पर ‘मूलचंद जी’ नाम का एक पत्थर इसी वजह से चर्चा में है। इस पत्थर के नाम से जुड़े वीडियो हजारों लोग देख रहे हैं और अकाउंट पर 80 हजार से अधिक फॉलोअर्स हो चुके है।
इस कहानी की खास बात यह है कि एक शख्स पिछले करीब 11 महीनों से पत्थर को गोल आकार देने की कोशिश कर रहा है। वह रोज़ उसे लात मारता है और अपनी इस अनोखी प्रक्रिया का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करता है। वीडियो में उसका चेहरा नजर नहीं आता। वह वॉइस ओवर के जरिए पत्थर के सफर और उससे जुड़े अनुभवों को लोगों तक पहुंचाता है।
7 जोड़ी जूते फटे, फिर भी जारी रही कोशिश
15 अक्टूबर को Devil’s Rock नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर आये एक वीडियो में क्रिएटर ने अपनी मेहनत के बारे में बताया। उसके मुताबिक, उसने 229 दिन पहले पत्थर को बेहतर आकार देने की कोशिश शुरू की थी। वीडियो में उसने बतया कि पत्थर का वजन 1615 ग्राम से घटकर 392 ग्राम रह गया है। हालांकि, अभी उसे पूरी तरह गोल आकार देना बाकी है।
क्रिएटर ने बताया कि इस दौरान उसके पैरों में कई बार चोट लगी और सात जोड़ी जूते भी खराब हो गए। उसे लोगों की हेट का सामना भी करना पड़ा, लेकिन उसने वीडियो बनाना बंद नहीं किया। लगातार प्रयास करने की यही कहानी दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ा रही है।
लक्ष्य को पाने के लिए लगातार प्रयास जरूरी
6 अक्टूबर को शेयर किए गए एक अन्य वीडियो में क्रिएटर ने इस मुहिम के पीछे का उद्देश्य समझाया। उसके अनुसार, यह सफर सिर्फ पत्थर को गोल बनाने तक सीमित नहीं है। इसके जरिए वह लोगों को मेहनत, ईमानदारी और निरंतरता का महत्व समझाना चाहता है। उसका संदेश है कि किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए लगातार प्रयास करना जरूरी है। शुरुआत में भले ही कोई व्यक्ति अकेला हो, लेकिन उसकी मेहनत और समर्पण दूसरों को भी उससे जुड़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
PhonePe से क्यों भेजे जा रहे हैं पैसे?
‘मूलचंद जी’ की पॉपुलैरिटी बढ़ने के साथ कुछ फॉलोअर्स ने क्रिएटर को आर्थिक मदद देने की इच्छा जताई। इसके बाद उसने इंस्टाग्राम स्टोरी पर PhonePe का QR कोड साझा किया। उसने स्पष्ट किया कि अगर लोग अपनी इच्छा से पैसे भेजना चाहते हैं, तो उनका इस्तेमाल जरूरतमंद लोगों को भोजन कराने के लिए किया जाएगा। साझा किए गए स्क्रीनशॉट के अनुसार, बाबू लाल नाम के व्यक्ति ने 2,000 रुपये और रामसतन पुरोहित ने 20 रुपये भेजे। मोहम्मद रजा नाम के व्यक्ति की ओर से भी मदद मिलने का उल्लेख किया गया, हालांकि उपलब्ध स्क्रीनशॉट में रकम स्पष्ट नहीं थी।
कमेंट सेक्शन में भी छाई कहानी
इस अनोखे प्रयोग को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग क्रिएटर की मेहनत और धैर्य की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ मजाकिया अंदाज में पत्थर को डाइट पर बता रहे हैं। वहीं, कुछ यूजर्स ने पत्थर को सावधानी से संभालने की सलाह भी दी है। फिलहाल, ‘मूलचंद जी’ की कहानी दिखाती है कि सोशल मीडिया पर एक साधारण-सी चीज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन सकती है। इस मुहिम का अगला पड़ाव क्या होगा और पत्थर आखिर कितना गोल हो पाएगा, यह देखना दिलचस्प होगा।












