नई दिल्ली: राजधानी की सड़कों पर पसरा अंधेरा अब दूर होगा और रात के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत एक लाख स्मार्ट एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाने की परियोजना का शुभारंभ किया। एंड्रयूजगंज बस स्टॉप से शुरू हुई इस पहल का मकसद डार्क स्पॉट्स खत्म करना महिलाओं की सुरक्षा मजबूत करना और दिल्ली की सड़कों को आधुनिक रोशनी से जगमगाना है।
छात्राओं की आवाज बनी बदलाव की वजह
दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्राओं के साथ संवाद के दौरान मुख्यमंत्री के सामने अंधेरी सड़कों और खराब स्ट्रीट लाइटों की समस्या आई थी। इसके बाद सरकार ने इस दिशा में कार्रवाई तेज की। नई व्यवस्था से रात में आने-जाने वाली महिलाओं विद्यार्थियों और आम नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
हर लाइट पर नजर, लापरवाही पर लगेगी चोट
परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि प्रत्येक स्मार्ट लाइट की निगरानी केंद्रीय नियंत्रण केंद्र से वास्तविक समय में की जाएगी। हर लाइट पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा जिसे पढ़कर नागरिक जानकारी प्राप्त करने के साथ शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे। खराब लाइट को 48 घंटे के भीतर ठीक करना अनिवार्य होगा। तय समय में मरम्मत नहीं होने पर संबंधित एजेंसी पर प्रति लाइट प्रतिदिन 2000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य 99 प्रतिशत लाइटों को चालू रखना है।
बिजली की बचत, सुरक्षा में बढ़ोतरी
करीब 45 हजार पुरानी सोडियम वेपर लाइटों को ऊर्जा-कुशल एलईडी लाइटों से बदला जाएगा। सरकार के अनुसार अगले पांच वर्षों में लगभग 100 करोड़ रुपये की बिजली बचत का अनुमान है। परियोजना में सात वर्षों तक निर्धारित प्रकाश स्तर बनाए रखने और नियमित रखरखाव की व्यवस्था भी शामिल है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आधुनिक तकनीक और जवाबदेही के जरिए दिल्ली के कोने-कोने को रोशन करना सरकार की प्राथमिकता है। लोक निर्माण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि बेहतर रोशनी से सड़कों पर दृश्यता बढ़ेगी और रात्रिकालीन आवागमन अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।कार्यक्रम में सांसद बांसुरी स्वराज, विधायक सतीश उपाध्याय, शिखा राय, अनिल शर्मा और नीरज बसोया सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
Reported By: Pankaj Rai











