
नई दिल्ली: ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस को मृतक महेश के मोबाइल फोन से एक वॉइस नोट मिला है, जिसमें उसने अपनी दो बहनों और एक बहनोई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक के साले की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया है। हालांकि, मामले में मौत की असली वजह और आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस के मुताबिक, महेश के मोबाइल में मिले ऑडियो में उसने कथित तौर पर अपनी दो बहनों और बहनोई को परिवार की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। इसके बाद मृतक के साले ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर तीनों के खिलाफ कथित प्रताड़ना के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब पारिवारिक विवाद और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।
रात में मेला देखकर घर लौटा था परिवार
जानकारी के अनुसार, घटना वाली रात परिवार मेला देखकर घर लौटा था। इसके बाद घर में मैगी और चाय का सेवन किया गया और सभी सोने चले गए। अगली सुबह बच्चों को परीक्षा देने जाना था। जब पड़ोस का एक बच्चा उन्हें जगाने पहुंचा और काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला, तो वह दीवार फांदकर घर के अंदर गया। वहां परिवार के पांचों सदस्य अचेत अवस्था में मिले। इसके बाद पुलिस और पड़ोसियों को सूचना दी गई।
पोस्टमार्टम में मिले जहर के संकेत
पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पोस्टमार्टम में प्वाइजनिंग के संकेत मिले हैं। डॉक्टरों ने विसरा जांच के लिए सुरक्षित रखा है, जिसकी रिपोर्ट से मौत के कारणों का पता लगाने में मदद मिलेगी।
इस बीच खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर खाने-पीने की चीजों की जांच की। शुरुआत में फूड पॉइजनिंग की आशंका पर भी विचार किया गया, लेकिन फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच
ग्रेटर नोएडा के डीसीपी श्रवण कुमार सिंह के मुताबिक, पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। अब वॉइस नोट और दर्ज एफआईआर के आधार पर कथित प्रताड़ना के आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच और विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही पांचों लोगों की मौत की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।












