
नई दिल्ली: धनतेरस और दिवाली से पहले सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर है। घरेलू बाजार में लगातार दूसरे दिन कीमती धातुओं के दाम गिरे हैं। 23 अक्टूबर को 24 कैरेट सोना 0.61 फीसदी गिरकर 1,42,750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी 1.93 फीसदी टूटकर 1,96,510 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई।
वायदा बाजार में भी दबाव
MCX पर भी सुबह से बिकवाली दिखी। सुबह करीब 9:13 बजे सोने का वायदा 0.66 फीसदी गिरकर 1,42,680 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, वहीं चांदी का वायदा 1.99 फीसदी गिरकर 1,96,390 रुपये प्रति किलो पर आ गया। ध्यान रहे, हाजिर बाजार, वायदा बाजार और ज्वेलरी शोरूम के रेट में मेकिंग चार्ज, जीएसटी की वजह से अंतर रहता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्यों आई गिरावट?
ग्लोबल मार्केट में भी सोने पर दबाव है। गुरुवार देर रात स्पॉट गोल्ड 2.2 फीसदी गिरकर 4,051 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जो दो हफ्ते का सबसे निचला स्तर है। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 2 फीसदी गिरकर 4,066 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ने का डर है और सबकी नजर अब 27-28 अक्टूबर को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर है। सोना ब्याज नहीं देता, इसलिए जब ब्याज दरें या बॉन्ड यील्ड बढ़ती हैं तो निवेशक सोने से निकलकर ब्याज वाले विकल्पों में चले जाते हैं।
22 और 24 कैरेट में क्या फर्क है?
24 कैरेट सबसे शुद्ध सोना होता है, 99.9% प्योर। जबकि 22 कैरेट में दूसरी धातुएं मिलाई जाती हैं ताकि गहने मजबूत बनें। बाजार में आमतौर पर गहनों के लिए 22 कैरेट का ही इस्तेमाल होता है। वहीं 999 वाली चांदी 99.9% शुद्ध होती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फेड की बैठक, डॉलर की चाल और कच्चे तेल के दाम ही तय करेंगे कि सोना-चांदी आगे सस्ता होगा या महंगा। अगर फेड ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाता है तो सोने पर दबाव बना रहेगा, वहीं कटौती के संकेत मिले तो कीमतों को सहारा मिल सकता है। त्योहारी खरीदारी करने वालों को सिर्फ एक दिन की गिरावट देखकर फैसला नहीं लेना चाहिए। अपनी जरूरत, बजट और लंबी अवधि के नजरिए से ही निवेश का फैसला करें।












