नई दिल्ली: बच्चों की अच्छी परवरिश का मतलब सिर्फ अच्छी पढ़ाई या संस्कार देना ही नहीं, बल्कि उन्हें जीवन की छोटी-बड़ी जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना भी है। आज भी कई घरों में खाना बनाना या रोटी बनाना सिर्फ लड़कियों का काम समझा जाता है, लेकिन अब यह सोच बदल रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो इसी बदलती सोच की खूबसूरत मिसाल है, जिसमें एक 14 साल का बेटा बीमार मां की मदद के लिए खुद रसोई संभाल रहा है।
मां बीमार तो बेटे ने संभाली रसोई
वायरल वीडियो को एडवोकेट निशा तनवर ने अपने इंस्टाग्राम @nishatanwar999 पर शेयर किया है। वीडियो में उनका 14 साल का बेटा रुचित आटा गूंथता नजर आ रहा है। निशा ने बताया कि उन्हें सर्दी-जुकाम के कारण तेज कमजोरी और थकान थी, तबीयत ठीक नहीं लग रही थी। यह देखकर उनके बेटे ने खुद आगे आकर कहा कि वह रसोई का काम कर लेगा।
वीडियो में रुचित बिना किसी झिझक के आटा गूंथ रहा है। सबसे खास बात यह है कि उसे इसके लिए मजबूर नहीं किया गया, बल्कि उसने खुद मां की परेशानी समझी और मदद के लिए हाथ बढ़ाया। निशा धीरे-धीरे अपने बेटे को घर के छोटे-मोटे काम सिखा रही हैं, ताकि उसे कभी किसी पर निर्भर न रहना पड़े।
सिर्फ रोटी नहीं, सब्जी बनाना भी सीख रहा है
निशा बताती हैं कि रुचित सिर्फ आटा गूंथना ही नहीं, बल्कि रोटी बनाना भी जानता है और अब सब्जी बनाना भी सीख रहा है। उनका मानना है कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजमर्रा के काम भी सिखाने चाहिए। अक्सर माता-पिता बच्चों को सिर्फ पढ़ाई में व्यस्त रखते हैं, लेकिन जब कभी तबीयत खराब हो तो बच्चों को परेशानी होती है।
निशा ने कैप्शन में लिखा कि खाना बनाना और घर संभालना सिर्फ बेटियों की जिम्मेदारी नहीं है। बेटों को भी ये काम आने चाहिए, क्योंकि जिंदगी में कब जरूरत पड़ जाए कोई नहीं जानता। उनके दोनों बेटे खाना बनाना जानते हैं। घर का काम करने में शर्म नहीं, बल्कि गर्व होना चाहिए।
लोग कर रहे हैं तारीफ
वीडियो वायरल होने के बाद लोग निशा की परवरिश की जमकर तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, बहुत सी माएं प्यार में बच्चों से काम नहीं करवातीं, लेकिन आत्मनिर्भर बनाना भी जरूरी है। दूसरे ने लिखा, हर मां का बेटा ऐसा होना चाहिए। कई यूजर्स ने कहा कि जेंटलमैन पैदा नहीं होते, उन्हें अच्छी परवरिश से बनाया जाता है।












