नई दिल्ली: मोबाइल फोन गुम होने के बाद उसे वापस पाने की उम्मीद अक्सर लोग छोड़ देते हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस की तकनीक और टीमवर्क ने एक बार फिर कई परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी। उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस ने विशेष अभियान ऑपरेशन विश्वास-2.0’ के तहत 168 गुम और लापता मोबाइल फोन खोजकर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपे हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल लोगों की कीमती संपत्ति वापस मिली, बल्कि आम नागरिकों के बीच पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ।
तकनीक बनी पुलिस का सबसे बड़ा हथियार
नॉर्थ ईस्ट जिला डीसीपी राहुल अलवाल ने बताया कि इस विशेष अभियान को केंद्रीय उपकरण पहचान पंजी (सीईआईआर) पोर्टल की सहायता से अंजाम दिया गया। दूरसंचार विभाग के अंतर्गत सी-डॉट द्वारा विकसित यह व्यवस्था मोबाइल फोन के विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान नंबर (आईएमईआई) के आधार पर गुम अथवा चोरी हुए मोबाइल को नेटवर्क पर ब्लॉक करने और उसके दोबारा सक्रिय होने पर तकनीकी जानकारी जुटाने में मदद करती है।मोबाइल फोन में दूसरा सिम कार्ड डालने के बावजूद आईएमईआई ब्लॉक होने पर उसका सामान्य मोबाइल नेटवर्क पर इस्तेमाल प्रतिबंधित रहता है। जब ऐसा फोन किसी दूरसंचार नेटवर्क पर सक्रिय होता है, तो उससे मिलने वाले तकनीकी संकेत पुलिस को उसकी तलाश और बरामदगी में सहायता प्रदान करते हैं।
डाक्श टीम ने संभाली मोर्चे की कमान
इस अभियान को सफल बनाने में उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस की जिला उन्नत ज्ञान-आधारित वैज्ञानिक सहायता टीम (डाक्श टीम) ने अहम भूमिका निभाई। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-द्वितीय, उत्तर-पूर्वी जिला अरविंद कुमार के निकट पर्यवेक्षण में विशेष बरामदगी अभियान चलाया गया। इस समर्पित टीम में उपनिरीक्षक विश्व विजय, सहायक उपनिरीक्षक बिजेंद्र और हेड कांस्टेबल नितिन शामिल रहे। इसके अलावा जिले के विभिन्न थानों के पुलिसकर्मियों ने भी अभियान में सक्रिय सहयोग दिया। टीम ने सीईआईआर पोर्टल से प्राप्त तकनीकी सूचनाओं का लगातार विश्लेषण किया। दूरसंचार कंपनियों से समन्वय, तकनीकी निगरानी, मौके पर सत्यापन और लगातार प्रयासों के दम पर 168 मोबाइल फोन का पता लगाकर उन्हें बरामद किया गया।
मोबाइल लौटे तो खिल उठे चेहरे
बरामद मोबाइल फोन संबंधित पुलिस थानों के सहायक पुलिस आयुक्तों थाना प्रभारियों और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। लंबे समय से अपने मोबाइल फोन की तलाश कर रहे कई लोगों के लिए यह किसी खुशखबरी से कम नहीं था। जिन लोगों ने फोन वापस मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी, उनके हाथों में अपना कीमती सामान देखकर खुशी साफ झलक उठी। लाभार्थियों ने दिल्ली पुलिस, विशेषकर उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस की इस पहल और लगातार किए गए प्रयासों के लिए आभार जताया।
नागरिकों से पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने पर तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं और सीईआईआर पोर्टल पर अपने मोबाइल का आईएमईआई नंबर दर्ज कर उसे ब्लॉक कराएं। समय पर शिकायत और पंजीकरण से मोबाइल की तलाश तथा बरामदगी की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। ऑपरेशन विश्वास-2.0 ने साबित किया कि आधुनिक तकनीक, पुलिस की मुस्तैदी और टीमवर्क एक साथ हों तो गुम हुई संपत्ति भी उसके असली मालिक तक पहुंच सकती है।
Reported By: Pankaj Rai











