नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण ने ऐसा खतरनाक रूप धारण कर लिया है कि आसमान में छाई धुंध अब लोगों की सांसों पर भारी पड़ने लगी है। दीवाली से पहले ही प्रदूषण का स्तर खतरनाक ऊंचाई पर पहुंच गया है। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 483 तक पहुंचने के साथ ही गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया। हालात इतने चिंताजनक हैं कि राजधानी के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर 400 के पार पहुंच गया है।
कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब, जनजीवन प्रभावित
पंजाबी बाग, आरके पुरम, आईआईटी दिल्ली और रोहिणी समेत कई क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब दर्ज की गई। प्रदूषण के इस बढ़ते प्रकोप ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। सुबह और शाम के समय वातावरण में छाई धुंध के कारण दृश्यता प्रभावित हो रही है। बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों के लिए हालात विशेष रूप से चिंताजनक बन गए हैं।
पिछले दस वर्षों में सबसे खराब स्थिति, ठोस समाधान की जरूरत
बताया जा रहा है कि दीवाली से पहले प्रदूषण का यह स्तर पिछले दस वर्षों में सबसे खराब स्थिति में शामिल है। राजधानी में प्रदूषण की रोकथाम के लिए ग्रैप-3 के तहत लागू पाबंदियां जारी हैं। इसके बावजूद हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं होना चिंता बढ़ा रहा है।प्रदूषण के इस आपातकाल ने एक बार फिर राजधानी की पर्यावरण व्यवस्था और नियंत्रण उपायों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जरूरत केवल पाबंदियों की नहीं, बल्कि प्रदूषण के स्रोतों पर प्रभावी कार्रवाई और ठोस समाधान की है।












