नई दिल्ली: पुरानी दिल्ली के हाउज काजी और चावड़ी बाजार इलाके में 5 नवंबर को हुए दर्दनाक इमारत हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। गली शीश महल में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत के अचानक ढहने से मौत का आंकड़ा बढ़कर सात पहुंच गया है। मलबे के नीचे जिंदगी की तलाश में बचाव दलों का अभियान 70 घंटे से अधिक समय तक जारी रहा। हर गुजरते घंटे के साथ उम्मीदें कमजोर होती गईं और हादसे की भयावहता सामने आती रही।
संयुक्त टीमों ने चलाया बचाव अभियान
हादसे के बाद दिल्ली पुलिस राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, अग्निशमन विभाग और नगर निगम की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया। भारी मशीनों, कटर और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाया गया। बचावकर्मियों ने बेहद सावधानी के साथ मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया।
मालिक और ठेकेदार गिरफ्तार, निर्माण में लापरवाही के आरोप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे के पीछे निर्माण संबंधी लापरवाही और आवश्यक मंजूरी के बिना इमारत का निर्माण कराए जाने के आरोप सामने आए हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इमारत मालिक और ठेकेदार को गिरफ्तार किया है। मामले में जिम्मेदारी तय करने और निर्माण से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इस हादसे ने पुरानी दिल्ली की संकरी गलियों में अवैध और असुरक्षित निर्माण के मुद्दे को फिर से कटघरे में खड़ा कर दिया है। सवाल यह है कि नियमों को ताक पर रखकर हो रहे निर्माण पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई?












