नई दिल्ली: भारत 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस बेहद धूमधाम और ऐतिहासिक तरीके से मनाने जा रहा है। 1947 में ब्रिटिश हुकूमत की लगभग दो शताब्दियों की गुलामी से मिली आजादी और अमर स्वाधीनता सेनानियों के महान बलिदानों को नमन करने का यह पावन अवसर पूरे देश को देशभक्ति के रंग में सराबोर करने वाला है। इस वर्ष का राष्ट्रीय समारोह न केवल भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का जश्न मनाएगा, बल्कि देश की नई ऊर्जा और सांस्कृतिक धरोहर के अनूठे संगम का भी गवाह बनेगा। इस बार की आधिकारिक थीम ‘युवा शक्ति से विकसित भारत @2047’ रखी गई है, जो देश के युवाओं को 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में प्रेरित करने पर केंद्रित है।
लाल किले पर होगा भव्य सांस्कृतिक समागम
मुख्य राष्ट्रीय समारोह नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक लाल किले के प्राचीर पर आयोजित होगा। प्रधानमंत्री मोदी यहां तिरंगा फहराने और औपचारिक सलामी लेने के बाद अपने संबोधन में भारत की हालिया उपलब्धियों, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य के दूरदर्शी लक्ष्यों का रोडमैप साझा करेंगे।
इस अवसर पर देशभर के छात्रों और विभिन्न सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा मनमोहक देशभक्ति प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी, जो भारत की समृद्ध विविधता और सांस्कृतिक एकता को जीवंत रूप में पेश करेंगी।
‘युवा शक्ति से विकसित भारत @2047’ की थीम
इस बार की आधिकारिक थीम ‘युवा शक्ति से विकसित भारत @2047’ रखी गई है, जो देश के युवाओं को 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में प्रेरित करने पर केंद्रित है। स्वतंत्रता दिवस का यह अवसर गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) से अलग है, जहां गणतंत्र दिवस 1950 में संविधान लागू होने का उत्सव मनाता है, वहीं 15 अगस्त देश की संप्रभुता और स्वतंत्रता का प्रतीक है। महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, सुभाष चंद्र बोस और भगत सिंह जैसे अनगिनत राष्ट्रनायकों के आंदोलनों और बलिदानों की बदौलत ही 15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को भारत को आजादी मिली थी।
150 साल पूरे होने पर गूंजेगा ‘वंदे मातरम’
वर्ष 2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह की सबसे बड़ी खासियत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होना है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में, लाल किले की प्राचीर से पहली बार स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान इस राष्ट्रीय गीत का भव्य गायन किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले पर पहुंचेंगे, ‘वंदे मातरम’ के सुरीले सुर गूंजेंगे, जिसके बाद वे राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और फिर राष्ट्र को अपना पारंपरिक संबोधन देंगे। इस बार की आधिकारिक थीम ‘युवा शक्ति से विकसित भारत @2047’ रखी गई है, जो देश के युवाओं को 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में प्रेरित करने पर केंद्रित है।












