राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच एजेंसी पर सवाल

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Rahul Gandhi
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नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बहुत बड़ी कानूनी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है, जिसमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के इस रुख से न केवल हाईकोर्ट में जारी प्रक्रिया थम गई है, बल्कि जांच एजेंसियों को भी फिलहाल किसी भी तरह की प्रगति रिपोर्ट जमा करने से रोक दिया गया है। सर्वोच्च अदालत के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल राहुल गांधी को इस कानूनी अड़चन से बड़ी राहत मिल गई है।

राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया प्राकृतिक न्याय के बुनियादी सिद्धांतों का पालन नहीं किया है। शीर्ष अदालत ने आदेश जारी करते हुए सीबीआई और ईडी दोनों केंद्रीय एजेंसियों को निर्देशित किया है कि वे इस मामले में अपनी जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट या किसी अन्य प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत न करें। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ऐसे वक्त आया है जब इलाहाबाद हाईकोर्ट में 20 अगस्त को इस मामले की अगली सुनवाई तय थी। सर्वोच्च अदालत के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल राहुल गांधी को इस कानूनी अड़चन से बड़ी राहत मिल गई है।

भाजपा कार्यकर्ता की शिकायत से शुरू हुआ था विवाद

यह पूरा मामला कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत से शुरू हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी के पास मौजूद संपत्तियां उनकी घोषित आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक हैं। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए मई महीने में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि राहुल गांधी के खिलाफ मिली शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता जांची जानी चाहिए। 

हाईकोर्ट के आदेश को राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

हाईकोर्ट के निर्देशों और कार्रवाई के बीच 20 जुलाई को हुई सुनवाई में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीआई के हलफनामे पर असंतोष जाहिर किया था, जबकि ईडी के कदमों को आगे की कार्रवाई के लिए उपयुक्त माना था। इसके बाद राहुल गांधी ने 7 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और दो अलग-अलग याचिकाएं दायर कीं। पहली याचिका में हाईकोर्ट के जांच संबंधी आदेशों पर रोक लगाने की मांग की गई थी, जबकि दूसरी याचिका में मामले को दिल्ली स्थानांतरित करने का अनुरोध किया गया था। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ऐसे वक्त आया है जब इलाहाबाद हाईकोर्ट में 20 अगस्त को इस मामले की अगली सुनवाई तय थी। सर्वोच्च अदालत के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल राहुल गांधी को इस कानूनी अड़चन से बड़ी राहत मिल गई है।

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