नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में ईरान के साथ जारी भीषण सैन्य टकराव के बीच अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में एक बेहद संवेदनशील और रणनीतिक कदम उठाया है। क्षेत्रीय युद्ध के कारण ठप्प पड़े समुद्री व्यापार को गति देने के लिए अमेरिकी सेना ने एक गुप्त ऑयल कॉरिडोर तैयार किया है। इस रणनीति के तहत हर रात दर्जनों तेल टैंकरों को ईरानी सेना की नजरों से बचाकर सुरक्षित रास्ते से निकाला जा रहा है। अमेरिका का यह कदम उसी रणनीति की याद दिलाता है जो आमतौर पर ईरान अपनाता रहा है, लेकिन इस बार महाशक्ति खुद रात के अंधेरे का फायदा उठाकर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को टूटने से बचा रही है। जहाजों के काफिले की सुरक्षा में अमेरिकी लड़ाकू विमान लगातार आसमान में गश्त लगाते हैं।
अंधेरे में आकार लेता सुरक्षित गलियारा
होर्मुज के दक्षिणी हिस्से में हर रात 15 से 20 तेल टैंकर इस संकरे समुद्री रास्ते से होकर गुजरते हैं। इस ऑपरेशन में खाली टैंकरों को भी सुरक्षा घेरे में खाड़ी देशों तक पहुंचाया जा रहा है ताकि वे दोबारा तेल भर सकें।
हर दिन एक करोड़ बैरल कच्चा तेल दुनिया भर में पहुंचाया जा रहा है। यह युद्ध से पहले की आपूर्ति का लगभग आधा ही है। इसने बाजार में पैदा हुए भारी तनाव और तेल की किल्लत को काफी हद तक कम कर दिया है।
आसमान में लड़ाकू विमानों का घेरा
इस बेहद जटिल और जोखिम भरे ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए अमेरिकी नौसेना और वायुसेना मिलकर काम कर रही हैं। जहाजों के काफिले की सुरक्षा में अमेरिकी लड़ाकू विमान लगातार आसमान में गश्त लगाते हैं। हालिया सैन्य कार्रवाइयों में ईरान के रडार और तटीय निगरानी तंत्र को भारी नुकसान पहुंचा था, जिससे दक्षिणी चैनल पर निगरानी रखने की उसकी क्षमता कमजोर पड़ी है।
इसके बावजूद ईरानी ड्रोन और क्रूज मिसाइलें लगातार इस रास्ते को निशाना बनाने की कोशिश कर रही हैं। बीते कुछ दिनों में ही अमेरिकी सैनिकों ने 8 ईरानी ड्रोन और 2 क्रूज मिसाइलों को हवा में ही ध्वस्त कर दिया। हर दिन एक करोड़ बैरल कच्चा तेल दुनिया भर में पहुंचाया जा रहा है। यह युद्ध से पहले की आपूर्ति का लगभग आधा ही है।
महाशक्ति की रणनीतिक बढ़त
अमेरिकी प्रशासन ने इस गुप्त ऑपरेशन को अपनी बड़ी रणनीतिक कामयाबी माना है। कुछ खास रातों में तो तेल की यह निकासी 1.5 से 2 करोड़ बैरल तक पहुंची है। राजनयिक मोर्चे पर फिलहाल दोनों देशों के बीच बातचीत के सारे रास्ते बंद हैं और तनाव चरम पर है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि मौजूदा हालात में ईरान के साथ किसी भी तरह की मेजपोश चर्चा समय की बर्बादी होगी। वार्ता की गुंजाइश खत्म होने के बाद अब अमेरिका का पूरा ध्यान इस समुद्री गलियारे के जरिए ईरान की आर्थिक और सैन्य घेराबंदी को धता बताते हुए अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने पर है। होर्मुज के दक्षिणी हिस्से में हर रात 15 से 20 तेल टैंकर इस संकरे समुद्री रास्ते से होकर गुजरते हैं।












