नई दिल्ली: मुंबई को दहला देने वाले 26/11 आतंकी हमले के करीब 18 साल बाद भी साजिश से जुड़े कई आरोपी कानून की पहुंच से बाहर हैं. अब पाकिस्तान में मौजूद बताए जा रहे छह फरार आतंकियों के खिलाफ भारतीय अदालत ने कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है. इन आरोपियों के लिए प्रोक्लेमेशन नोटिस जारी कराने की तैयारी शुरू हो चुकी है, जिसके बाद उनके खिलाफ गैरमौजूदगी में मुकदमा चलाने का रास्ता खुल सकता है. विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने शुक्रवार को विशेष अदालत को इस कार्रवाई की जानकारी दी. उन्होंने विशेष जज एसआर नवांदर को बताया कि छह आरोपियों के खिलाफ प्रोक्लेमेशन नोटिस जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है.
इस सूची में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद, जकी-उर-रहमान लखवी, साजिद मीर, अबू अलकामा, आसिम उर्फ अबू काहफा और मेजर अब्दुर रहमान पाशा शामिल हैं. जांच एजेंसियों के अनुसार, ये सभी आरोपी पाकिस्तान में मौजूद हैं और लंबे समय से फरार बताए जा रहे हैं. निकम ने अदालत को बताया कि इन आरोपियों से जुड़े प्रोक्लेमेशन नोटिस गृह मंत्रालय को भेजे जा चुके हैं. गृह मंत्रालय ने 3 अगस्त को नोटिस मिलने की पुष्टि भी की थी. अब इस मामले में इंटरपोल से मिलने वाले जवाब का इंतजार किया जा रहा है.
गैरमौजूदगी में चलेगा मुकदमा?
अदालत इन फरार आरोपियों के खिलाफ उनकी अनुपस्थिति में ट्रायल शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS, 2023 की धारा 356 में कुछ घोषित फरार आरोपियों के खिलाफ गैरमौजूदगी में मुकदमा चलाने का प्रावधान है. उज्ज्वल निकम ने कहा कि पाकिस्तान पहले भी इन आरोपियों की मौजूदगी से इनकार करता रहा है. उनके मुताबिक, भारत की ओर से पहले पाकिस्तान को मामले से जुड़े डोजियर भेजे गए, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिला. अब भारतीय न्यायिक प्रक्रिया के तहत इन आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है.
17 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
विशेष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 सितंबर की तारीख तय की है. उस दिन प्रोक्लेमेशन नोटिस की प्रक्रिया और इंटरपोल से मिलने वाली जानकारी को लेकर अदालत को अपडेट दिया जाएगा.
26/11 हमले में गई थीं 166 लोगों की जान
26 नवंबर 2008 को समुद्र के रास्ते मुंबई पहुंचे 10 आतंकियों ने कई जगहों पर हमला किया था. इस भयावह हमले में 166 लोगों की मौत हुई थी, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए थे. नौ आतंकियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया था और अजमल कसाब को जिंदा पकड़ा गया था. बाद में उसे फांसी दे दी गई. अब अदालत की नई कार्रवाई का उद्देश्य हमले की साजिश से जुड़े पाकिस्तान में मौजूद छह फरार आरोपियों को भारतीय न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में लाना है.












