झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, JSSC CGL और CDPO परीक्षा रद्द करने के आदेश पर लगाई रोक

0
6
Jharkhand High Court
Ai generated

रांची: झारखंड में सरकारी भर्तियों की अनिश्चितता के बीच झारखंड उच्च न्यायालय ने एक अहम फैसला सुनाते हुए जेएसएससी-सीजीएल (JSSC CGL) और सीडीपीओ (CDPO) परीक्षा एवं नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर फिलहाल अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत के इस रुख से न केवल परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों बल्कि विभिन्न विभागों में कार्यरत चयनित कर्मियों के सिर पर मंडरा रहा बर्खास्तगी का संकट अस्थायी रूप से टल गया है।

1,932 चयनित अभ्यर्थियों की नौकरी फिलहाल सुरक्षित

झारखंड में सरकारी नौकरियों को लेकर चल रहे विवाद के बीच हाईकोर्ट ने जेएसएससी-सीजीएल के 1,932 चयनित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। फिलहाल उनकी नौकरी पर कोई खतरा नहीं है। 
दरअसल, 18 अगस्त को राज्य सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द करने, छह स्थगित करने और 17 को जांच के दायरे में रखने का फैसला किया था।

अदालत ने रोजगार और भविष्य को माना अहम

सरकार की इसी अधिसूचना के खिलाफ कई याचिकाएं हाईकोर्ट में दाखिल की गई थीं। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने साफ रुख अपनाते हुए कहा कि जब तक कानूनी पहलुओं की बारीकी से जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी कार्यरत कर्मचारी की नौकरी पर आंच नहीं आनी चाहिए। इससे पहले भी तीन अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत सरकार के निरस्तीकरण आदेश पर रोक लगा चुकी है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कोर्ट इस पूरे प्रकरण को बेहद संवेदनशीलता के साथ देख रहा है।

पीसीसीएफ नियुक्ति पर सोमवार को होगी बहस

इसी बीच अदालत में एक और अहम मामला भी सुर्खियों में रहा। राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक यानी पीसीसीएफ की नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद पर आंशिक सुनवाई हुई। पीठ ने मौखिक तौर पर टिप्पणी करते हुए कहा कि चूंकि इस नियुक्ति प्रक्रिया का अंतिम चरण अभी बाकी है, इसलिए इस पर विस्तार से चर्चा आगामी सोमवार को की जाएगी। हाईकोर्ट ने मामले की नजाकत भांपते हुए राज्य सरकार को सख्त निर्देश दिया है कि वह अपना विस्तृत हलफनामा जल्द अदालत में पेश करे। इस पूरे प्रकरण की अगली सुनवाई अब 15 सितंबर 2026 को होगी, और तभी यह तय हो पाएगा कि विवादों में घिरी इन भर्ती परीक्षाओं का आगे क्या रुख रहने वाला है। तब तक राज्य के लाखों युवाओं और पहले से नियुक्त कर्मचारियों की निगाहें अदालत के अगले फैसले पर टिकी रहेंगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here