नई दिल्ली: इस साल दिवाली 8 नवंबर को मनाई जाएगी, लेकिन हर साल की तरह इस बार भी सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पटाखे फोड़ने की इजाजत मिलेगी? बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में हर साल प्रतिबंध की चर्चा होती है। वहीं अब इसी मुद्दे पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है।
क्या कोर्ट ने पटाखे फोड़ने की दी इजाजत
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने साफ कहा कि कोर्ट पटाखों पर पूरी तरह से बैन नहीं लगाएगा। बेंच ने कहा, “अगर हम पूरी तरह बैन कर देंगे तो लोगों की भावनाएं आहत होंगी।” साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि 24 घंटे पटाखे फोड़ने की भी इजाजत नहीं दी जाएगी। कोर्ट का कहना है कि अगर पूरे दिन आतिशबाजी हुई तो इसका सबसे बुरा असर बुजुर्गों, बीमार लोगों, छोटे बच्चों और जानवरों पर पड़ेगा। इसलिए बीच का रास्ता निकालना जरूरी है। बेंच ने कहा कि हमें ऐसा हल ढूंढना होगा जिससे पटाखे फोड़ने के लिए एक तय समय दिया जा सके।
किन पटाखों पर मिल सकती है छूट
सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने सरकार की तरफ से एक नोट पेश किया। इसमें CSIR-NEERI की रिपोर्ट का हवाला दिया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि नेक्स्ट जेनरेशन जॉइंट ग्रीन क्रैकर्स को कुछ शर्तों के साथ सीमित छूट दी जा सकती है। ये पटाखे शोर, धुएं और सुरक्षा के सभी मानकों को पूरा करते हैं।
इसके साथ ही सरकार के नोट में कहा गया कि इन ग्रीन पटाखों को तभी इजाजत मिलेगी जब इन्हें लाइसेंस वाली कंपनियां ही बनाएंगी, इनमें बैन केमिकल नहीं होंगे और ये 125 dB (AI) / 145 dB (C) की शोर लिमिट का पालन करेंगे।
15 को होगी मामले को लेकर अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रस्ताव पर विचार करते हुए कहा कि वह 15 अक्टूबर को पटाखों में बेरियम के इस्तेमाल को लेकर अलग से सुनवाई करेगा। बता दें, पिछले कुछ सालों से दिवाली के आसपास दिल्ली-NCR में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है। पिछले साल भी कोर्ट ने सिर्फ ग्रीन पटाखों को दिवाली से एक दिन पहले और दिवाली वाले दिन कुछ घंटों के लिए ही फोड़ने की इजाजत दी थी। इस बार भी कोर्ट उसी तरह संतुलित फैसला लेने के मूड में दिख रहा है, ताकि त्योहार की खुशी भी बनी रहे और सेहत पर खतरा भी कम हो।












