नई दिल्ली: रक्षा बंधन से जुड़े एक विज्ञापन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बड़ा मोड़ ले चुका है. ज्वेलरी ब्रांड GIVA ने अभिनेत्री कृति सेनन के साथ बनाया गया अपना विवादित विज्ञापन सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा लिया है. कृति के पहनावे को लेकर सोशल मीडिया पर उठे सवालों के बाद ब्रांड को आलोचना का सामना करना पड़ा था. इस मामले में अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत की प्रतिक्रिया के बाद बहस और तेज हो गई थी.
बुधवार को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर जारी बयान में GIVA ने कहा कि वह भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों का पूरा सम्मान करता है. कंपनी के मुताबिक, इस कैंपेन का मकसद रक्षा बंधन की खुशी को परिवार के साथ-साथ पालतू जानवरों तक भी पहुंचाना था.
विवाद बढ़ने के बाद हटाया गया विज्ञापन
GIVA ने साफ किया कि विज्ञापन के जरिए किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का उसका कोई इरादा नहीं था. हालांकि, ब्रांड ने माना कि अगर इस अभियान से अनजाने में किसी वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं, तो उसके सम्मान में विज्ञापन को सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है. कंपनी ने अपने बयान में कहा कि वह हमेशा परिवार के साथ त्योहारों की खुशियां मनाने में विश्वास करती है.
विज्ञापन में कृति के पहनावे पर उठे सवाल
अब हटाए जा चुके विज्ञापन में कृति सेनन रक्षा बंधन मनाती नजर आई थीं. इस दौरान उन्होंने ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहनी हुई थी. सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने उनके इस पहनावे को लेकर आपत्ति जताई और सवाल उठाए कि क्या रक्षा बंधन जैसे पारंपरिक त्योहार से जुड़े विज्ञापन में ऐसा लुक सही है. इस विवाद पर कंगना रनौत ने भी अपनी राय रखी और कृति के पहनावे को लेकर आलोचना की.
कृति सेनन ने दिया था जवाब
कृति सेनन ने अपने पहनावे पर हो रही आलोचना का जवाब देते हुए कहा था कि संस्कृति और परंपरा को केवल कपड़ों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. अभिनेत्री ने अभियान का समर्थन करते हुए कहा कि त्योहारों के दौरान महिलाओं के पहनावे पर टिप्पणी करने के बजाय उसके पीछे की भावना को समझना जरूरी है. अपने संदेश में कृति ने लिखा था कि संस्कृति और परंपराएं दिल में बसती हैं, सिर्फ पहनावे से उनकी पहचान नहीं होती. उन्होंने विज्ञापन में पालतू कुत्ते को शामिल किए जाने का भी बचाव किया था.
कृति का कहना था कि कई लोगों के लिए उनके पालतू जानवर परिवार के सदस्य जैसे होते हैं. इसी सोच को विज्ञापन में दिखाने की कोशिश की गई थी. हालांकि, सोशल मीडिया पर जारी विवाद के बीच GIVA ने आखिरकार विज्ञापन हटाने का फैसला कर लिया.












