नई दिल्ली: फ्लाईदुबई विमान में हुई कथित प्लेन क्रैश की कोशिश को लेकर पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक अब्दुल बासित का बयान चर्चा में है। भारत में पाकिस्तान के हाई कमिश्नर रह चुके बासित ने इस घटना को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिस पर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले पर एक फिल्म बननी चाहिए और उनके मुताबिक यह कॉमेडी फिल्म हो सकती है। अब्दुल बासित पाकिस्तान के न्यूज चैनल एबीएन न्यूज पर एक कार्यक्रम में बतौर विशेषज्ञ शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान एंकर ने उनसे फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई घटना को लेकर सवाल किया।
उनसे पूछा गया कि क्या वास्तव में विमान को हाईजैक करने की कोशिश हुई थी या इसके पीछे कोई दूसरी कहानी है। सवाल सुनने के बाद बासित मुस्कुराते नजर आए। उन्होंने कहा कि इस घटना पर फिल्म बनाई जानी चाहिए। अपनी बात आगे बढ़ाते हुए उन्होंने इसे कथित आतंकी कार्रवाई बताया, लेकिन साथ ही कहा कि उनके हिसाब से इस पर बनने वाली फिल्म कॉमेडी हो सकती है।
बयान के दौरान कई बार हंसे
बासित ने अपनी टिप्पणी के दौरान कई बार हंसते हुए बात की। उन्होंने यह भी कहा कि अच्छी बात यह रही कि घटना में कोई बड़ी त्रासदी नहीं हुई। हालांकि, इसके बाद उन्होंने दावा किया कि जिस तरह इस घटना को इजरायल और भारत की ओर से पेश किया जा रहा है, वह उन्हें गंभीर से ज्यादा हास्यपूर्ण लगता है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मीडिया का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ बड़े न्यूज चैनल भी अब इस मामले से जुड़ी इजरायल की थ्योरी और भारत की ओर से सामने रखी जा रही बातों पर सवाल उठा रहे हैं।
कौन हैं अब्दुल बासित?
अब्दुल बासित पाकिस्तान के वरिष्ठ राजनयिक रहे हैं। वह साल 2014 से 2017 के बीच भारत में पाकिस्तान के हाई कमिश्नर के पद पर तैनात थे। राजनयिक सेवा से जुड़े रहने के बाद वह टीवी कार्यक्रमों में अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मामलों पर अपनी राय देते रहे हैं।
फ्लाईदुबई मामले पर उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है जब विमान में हुई घटना को लेकर जांच और उससे जुड़े दावे चर्चा में हैं। इस मामले में कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका की भी काफी सराहना हुई है। ऐसे में बासित का बयान अब इस पूरे विवाद में एक अलग बहस का विषय बन गया है।












