पटना: बिहार के नालंदा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। नूरसराय थाना क्षेत्र के बथानी पर गांव में एक गरीब मजदूर को महज 500 रुपये की मजदूरी मांगने पर खौलते तेल में फेंक दिया गया। कई दिनों तक अस्पताल में तड़पने के बाद उसकी मौत हो गई। मृतक का नाम कंबु चौहान था। वह वेलदारी गांव का रहने वाला था। उसके भाई सूबे चौहान के मुताबिक, बीती 4 अक्टूबर को गांव के दो लोग दिलीप और राजा कंबु को बथानी पर गांव ले गए थे।
वहां रघु गोप के पिता के श्राद्ध कर्म पर ब्रह्मभोज का इंतजाम था। कंबु को खाना बनाने के लिए बुलाया गया था। उसने दिनभर चूल्हे के पास खड़े होकर खाना पकाया। काम खत्म होने के बाद जब उसने अपनी दिहाड़ी के 500 रुपये मांगे तो विवाद शुरू हो गया। पैसे देने की बजाय आरोपी गाली-गलौज पर उतर आए।
खौलते तेल में फेंकने का आरोप
भाइयों का आरोप है कि मजदूरी मांगने से नाराज होकर दिलीप और राजा ने कंबु को जबरदस्ती उठाया और खौलते तेल की कड़ाही में डाल दिया। तेज गर्मी से उसका पूरा शरीर बुरी तरह जल गया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े और उसे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। परिवार को उम्मीद थी कि वह बच जाएगा, लेकिन कई दिनों के इलाज के बावजूद कंबु की सांसें थम गईं।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस ने शव अपने कब्जे में लिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। मृतक के भाई ने जिन नामों का जिक्र किया है, उनके बारे में जांच चल रही है। अभी तक पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और आरोपियों का पक्ष सामने नहीं आया है। गरीब मजदूर का परिवार प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहा है और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहा है। नालंदा की ये घटना इंसानियत पर सवाल खड़ा करती है। महज 500 रुपये के लिए एक मजदूर की जिंदगी छिन गई।












