पटना: बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार को सियासी पारा चढ़ गया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक ने राजभवन तक आक्रोश मार्च निकाला। मार्च की अगुवाई नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कर रहे थे। पुलिस ने राजभवन की ओर बढ़ रहे तेजस्वी यादव, VIP प्रमुख मुकेश सहनी और RJD सांसद मीसा भारती समेत कई बड़े नेताओं को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
वोट चोरी से लोकतंत्र को नुकसान
मार्च शुरू करने से पहले तेजस्वी यादव विधानसभा गोलंबर पहुंचे और सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ मिलकर वोट चोरी कर लोकतंत्र को कमजोर किया है। उनका कहना था कि चुनाव में धांधली कर बीजेपी को सत्ता में लाने का रास्ता बनाया गया। तेजस्वी ने कहा कि जब सच्चाई सामने आई तो लोकतंत्र बचाने के लिए विपक्ष एकजुट हुआ है। उन्होंने निष्पक्ष चुनाव और सभी दलों के लिए लेवल प्लेइंग फील्ड की मांग की।
आज तेजस्वी यादव ने INDIA Bloc मार्च का नेतृत्व करते हुए वोट चोरी के खिलाफ ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लोकभवन की और मार्च करते हुए पुलिस बैरिकेड को फांद दिया है। https://t.co/jfXrR3GGZg
— ML (@mlmeena001) October 8, 2026
क्या है विपक्ष की मांग?
INDIA ब्लॉक का यह आंदोलन दो मुख्य मांगों पर टिका है। पहली मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की है और दूसरी बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर सवालों का जवाब देने की। विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए बिहार में दोबारा चुनाव कराने की भी मांग कर रहा है।
दो दिन से जारी है प्रदर्शन
यह प्रदर्शन अचानक नहीं हुआ है। बुधवार को भी INDIA ब्लॉक ने ‘ज्ञानेश हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत पूरे बिहार के 534 प्रखंडों में प्रदर्शन और पुतला दहन किया था। उसी कड़ी में गुरुवार को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और पटना में राजभवन मार्च का ऐलान किया गया था। गुरुवार के मार्च को देखते हुए पटना में सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जैसे ही नेता राजभवन की ओर बढ़े, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया और हिरासत में ले लिया। हिरासत के बाद भी विपक्षी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी जारी रखी।












