नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली को स्वच्छ ऊर्जा की नई पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सौर ऊर्जा को जन-जन तक पहुंचाने का बड़ा संकल्प दोहराया है। बुधवार को भारत मंडपम में आयोजित भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी के सौर पूर्ण सत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की हर छत को सौर ऊर्जा का केंद्र बनाना सरकार का लक्ष्य है। इससे न केवल पर्यावरण को राहत मिलेगी, बल्कि आम परिवारों के बिजली बिल का बोझ भी कम होगा।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और सब्सिडी का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। दिल्ली सरकार भी इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए राजधानी को हरित ऊर्जा का आदर्श बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत दिल्ली में तीन किलोवाट तक की छतों पर सौर प्रणाली मुफ्त लगाई जा रही है। वहीं, इससे अधिक क्षमता वाली प्रणालियों पर 1.56 लाख रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है।
एक लाख पंजीकरण और सौर ऊर्जा को जीवनशैली बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री के अनुसार, दिल्ली में अब तक लगभग एक लाख लोगों ने सौर ऊर्जा अपनाने के लिए पंजीकरण कराया है। यह आंकड़ा बताता है कि राजधानी के लोग अब पारंपरिक ऊर्जा के बजाय स्वच्छ और किफायती विकल्पों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि सौर ऊर्जा महज तकनीक बनकर न रह जाए, बल्कि हर घर की जीवनशैली का हिस्सा बने। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी सहित देश-विदेश के विशेषज्ञ और उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
Reported By: Pankaj Rai












