नई दिल्ली: वर्दी और काले कोट के बीच अब टकराव नहीं बल्कि आपसी विश्वास और सहयोग की नई इबारत लिखने की तैयारी है। पुलिस और वकीलों के बीच होने वाले विवादों शिकायतों और गलतफहमियों पर विराम लगाने के लिए दिल्ली पुलिस और वकील संगठनों ने मिलकर नई समन्वय रणनीति तैयार की है। अब विवाद बढ़ने से पहले बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर जोर रहेगा।
पुलिस और बार संगठनों की बैठक में समन्वय पर बनी सहमति
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और कानूनी जगत के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक में इस व्यवस्था पर सहमति बनी। बैठक में बार काउंसिल ऑफ दिल्ली जिला बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति और विभिन्न जिला अदालतों के बार पदाधिकारियों ने भाग लिया। सभी ने माना कि कानून का शासन नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाना दोनों की साझा जिम्मेदारी है।
संयुक्त समिति करेगी शिकायतों का समयबद्ध समाधान, संपर्क अधिकारी होंगे नियुक्त
बैठक में संयुक्त समन्वय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। जिला स्तर पर संवाद व्यवस्था मजबूत होगी, वहीं पुलिस मुख्यालय में भी विशेष संपर्क अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। समिति शिकायतों और विवादों का समयबद्ध समाधान कराने की दिशा में काम करेगी।किसी कार्यरत अधिवक्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने पर संबंधित बार एसोसिएशन को यथासंभव सूचना देने पर सहमति बनी। बार संगठन अपने पदाधिकारियों और सदस्यों की अद्यतन सूची संबंधित जिला पुलिस उपायुक्तों को उपलब्ध कराएंगे। थानों में अधिवक्ताओं तथा अदालत परिसरों में पुलिसकर्मियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने पर भी सहमति बनी। साफ संदेश दिया गया कि पुलिस और वकील प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।
Reported By: Pankaj Rai












