प्रदूषण के ‘दुश्मनों’ पर ट्रैफिक पुलिस का हंटर, 7,279 वाहनों की हुई जांच

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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की आबोहवा को जहरीला बनाने वाले वाहनों पर अब ट्रैफिक पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रदूषण के खिलाफ जंग में दिल्ली की सड़कों से लेकर सीमाओं तक निगरानी का पहरा बैठा दिया गया है। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तहत लागू प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। कहीं वाहनों की सघन जांच हो रही है तो कहीं नियम तोड़ने वालों को दिल्ली में प्रवेश से पहले ही वापस लौटाया जा रहा है। इतना ही नहीं, प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर चालान और जब्ती जैसी कार्रवाई भी की जा रही है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का मकसद केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि लोगों को प्रदूषण नियंत्रण की जिम्मेदारी का एहसास कराना भी है। इसके लिए राजधानी के प्रवेश मार्गों, प्रमुख सीमाओं और व्यस्त सड़कों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। वाहन चालकों को ग्रैप के नियमों की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान भी तेज कर दिया गया है।

सीमाओं पर जागरूकता के साथ सख्ती का पहरा

संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) संजय त्यागी ने बताया कि ग्रैप प्रतिबंधों को प्रभावी तरीके से लागू कराने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इस संबंध में पड़ोसी जिलों की पुलिस के साथ समन्वय बैठक भी की गई है, ताकि दिल्ली की सीमाओं पर वाहनों की आवाजाही और प्रतिबंधों के पालन को लेकर बेहतर तालमेल बनाया जा सके। पुलिस की कोशिश है कि प्रतिबंधित श्रेणी के वाहन राजधानी में प्रवेश न कर सकें और प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का हर स्तर पर पालन सुनिश्चित हो।

उन्होंने बताया कि लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए प्रिंट मीडिया, सामाजिक माध्यमों और रेडियो का सहारा लिया जा रहा है। दिल्ली के प्रवेश मार्गों और सीमाओं पर जागरूकता बोर्ड लगाए गए हैं। इसके अलावा वाहन चालकों को पर्चे बांटकर ग्रैप के प्रतिबंधों और नियमों के बारे में विस्तार से समझाया जा रहा है, ताकि अनजान होने का बहाना बनाकर कोई नियमों की अनदेखी न कर सके।

आठ घंटे में 7,279 वाहनों की पड़ताल

ट्रैफिक पुलिस के विशेष अभियान के आंकड़े भी कार्रवाई की गंभीरता बयां कर रहे हैं। एक नवंबर को रात 12 बजे से रात आठ बजे तक चलाए गए अभियान के दौरान कुल 7,279 वाहनों की जांच की गई। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 10 वाहनों के चालान किए गए। वहीं, 714 वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं करने दिया गया और वापस लौटा दिया गया। इसके अलावा 38 वाहनों को जब्त किया गया। ये आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली की सड़कों पर प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए पुलिस ने निगरानी और जांच का दायरा बढ़ा दिया है। सीमाओं पर तैनात पुलिसकर्मी वाहनों की जांच कर रहे हैं और नियमों के दायरे में नहीं आने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

लोगों से सहयोग की अपील, अभियान रहेगा जारी

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि ग्रैप प्रतिबंधों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले दिल्ली में लागू प्रदूषण नियंत्रण संबंधी प्रतिबंधों की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। प्रतिबंधित श्रेणी में आने वाले वाहनों को लेकर नियमों की अनदेखी न करें और जांच के दौरान पुलिस का सहयोग करें। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। नियमों का पालन करके ही राजधानी की हवा को साफ बनाने की कोशिश सफल हो सकती है।

 

Reported By: Pankaj Rai

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