नई दिल्ली: नशे के कारोबारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस के वेस्ट जिले की एंटी नारकोटिक्स स्क्वॉड ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर कुल 26.466 किलोग्राम गांजा एक ई-रिक्शा और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि तस्करी के इस नेटवर्क की कथित जड़ें ओडिशा बिहार और दिल्ली तक फैली थीं। आरोपियों पर गांजे की खेप को कुरियर सेवाओं के जरिए दिल्ली पहुंचाने और स्थानीय नशा तस्करों तक सप्लाई करने का आरोप है।
कुरियर के पार्सल में छिपा था नशे का काला कारोबार
वेस्ट जिला डीसीपी हरेश्वर वी स्वामी ने बताया कि इलाके में गश्त के दौरान एंटी नारकोटिक्स स्क्वॉड की टीम ने ख्याला क्षेत्र की सर्विस रोड के पास ई-रिक्शा में जा रहे चंदन कुमार (22) को रोका। तलाशी के दौरान ई-रिक्शा से 16.906 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके बाद उसकी किराये की जगह से 5.354 किलोग्राम गांजा और मिला। इस संबंध में ख्याला थाने में प्राथमिकी संख्या 445/26 के तहत स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम की धाराओं 20, 25 और 29 में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
बिहार से चल रहा था कथित नेटवर्क
पूछताछ में चंदन ने कथित तौर पर खुलासा किया कि गांजे की खेप ओडिशा से बिहार निवासी नितेश कुमार उर्फ निलेश के माध्यम से मंगाई जाती थी। तस्करी के लिए साड़ियों के डिब्बों साउंड बॉक्स और आरओ जलशोधक के गत्तों का इस्तेमाल कर गांजे को छिपाकर भेजने का आरोप है। लगातार जांच के बाद पुलिस टीम ने बिहार से नितेश कुमार उर्फ निलेश को गिरफ्तार किया। जांच में आरोप है कि वह मोबाइल फोन के जरिए ओडिशा और दिल्ली में अपने साथियों से संपर्क रखता था और कुरियर से भेजी जाने वाली खेप की डिलीवरी का समन्वय करता था। पार्सलों पर गलत या अधूरे पते देने के कारण कुरियर कर्मचारियों को बताए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करना पड़ता था, जिससे खेप की प्राप्ति सुनिश्चित की जा सके।
आरओ मशीन के डिब्बे से खुला तस्करी का अगला राज
पुलिस को सूचना मिली कि ओडिशा से गांजे की एक और खेप आरओ जलशोधक के डिब्बे में छिपाकर दिल्ली भेजी जा रही है। टीम ने विभिन्न कुरियर कार्यालयों में जांच कर ख्याला क्षेत्र में संभावित डिलीवरी स्थल की पहचान की। इसके बाद जाल बिछाया गया।विष्णु गार्डन के एस-ब्लॉक के पास खेप लेने पहुंचे विक्की कुमार (22) को पकड़ लिया गया। पार्सल की जांच में 4.206 किलोग्राम गांजा मिला। इसके साथ ही इस मामले में बरामदगी का कुल आंकड़ा 26.466 किलोग्राम पहुंच गया। पुलिस के मुताबिक विक्की कथित तौर पर नितेश के निर्देश पर गांजे की खेप प्राप्त कर दिल्ली में स्थानीय नशा तस्करों तक पहुंचाता था। तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन से आपत्तिजनक व्हाट्सऐप बातचीत मिलने की बात भी कही गई है।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
यह कार्रवाई पश्चिमी जिले के पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी. स्वामी के नेतृत्व और समग्र निगरानी में की गई। अभियान में एसीपी ऑपरेशंस राजेश कुमार के मार्गदर्शन तथा एंटी नारकोटिक्स स्क्वॉड के प्रभारी निरीक्षक अमित धानी के नेतृत्व में टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में उपनिरीक्षक संदीप दलाल, उपनिरीक्षक चंद्रशेखर, सहायक उपनिरीक्षक अनिल, हेड कांस्टेबल विनोद, विकास, करण, विनय और जय प्रकाश, कांस्टेबल विकास, अंकित और दीपक गोस्वामी तथा महिला हेड कांस्टेबल भारती और कविता शामिल रहीं। पुलिस अब गांजे के मूल स्रोत कुरियर के माध्यम से हुई डिलीवरी और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
Reported By: Pankaj Rai












