नई दिल्ली: दिल्ली एयरपोर्ट पर बुधवार को एक अजीब नजारा दिखा। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके जैसे ही बाहर निकले, भीड़ में से एक शख्स उन्हें देखकर जोर-जोर से चिल्लाने लगा। दीपके ने मुस्कुराकर हाथ हिलाया और आगे बढ़ गए। दीपके बुधवार को नागपुर से फ्लाइट लेकर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे थे। जब वे बाहर आ रहे थे, तब कुछ लोग उनकी तस्वीरें खींच रहे थे। तभी एक व्यक्ति बार-बार चिल्लाने लगा कि “क्यों देश खराब कर रहा है।” दीपके ने उसकी ओर हाथ उठाया, सहज अंदाज में अंगूठा दिखाया और निकल गए। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें चारों तरफ से घेर रखा था।
दीपके करीब 24 घंटे दिल्ली पुलिस की हिरासत में रहे थे। इसके बाद 11 अक्टूबर को वे महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित अपने घर चले गए। दादी के निधन के कारण उन्हें आंदोलन बीच में छोड़ना पड़ा था। अब वे दोबारा दिल्ली लौटे हैं।
“Kyun desh ko kharab kar raha hai” Chaos at Delhi’s IGI Airport as passengers confront and heckle CJP founder Abhijeet Dipke over his protest politics! https://t.co/VhViNF8qHa
— Aman Dubey (@Amandud2) October 14, 2026
पहले भी झेल चुके हैं विरोध
यह पहली बार नहीं है जब दीपके को ऐसे विरोध का सामना करना पड़ा हो। 10 अक्टूबर को वे अपने साथियों सौरभ दास और आशुतोष रांका के साथ मुंबई से दिल्ली आए थे। उस वक्त हिरासत में लिए जाने के बाद विमान में मौजूद कुछ लोगों ने उनका विरोध किया और उन्हें गद्दार कहकर शर्म करो जैसी बातें कही थीं। इंस्टाग्राम पर पार्टी बनाकर चंद दिनों में करीब ढाई करोड़ फॉलोअर्स जोड़ने वाले दीपके को पहले भी कई बार ऐसी घटनाओं से गुजरना पड़ा है। जयपुर में एक व्यक्ति ने उन्हें थप्पड़ मार दिया था। वहीं नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दौरान उनके चेहरे पर स्याही फेंकी गई थी।
पीएम मोदी पर साधा निशाना
सीजेपी के सह संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिए जाने से दीपके काफी नाराज दिखे। एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मोदी एक डरपोक तानाशाह हैं और इसके अलावा कुछ नहीं। दीपके ने सवाल उठाया कि क्या इस देश में तिरंगा लहराना अपराध है। उनके मुताबिक, सौरभ और आशुतोष को पांच दिन के लिए जेल सिर्फ इसलिए भेजा गया कि उन्होंने जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराया। उन्होंने इसे तानाशाही की निशानी बताया और कहा कि ऐसा तो अंग्रेजों के राज में होता था। अंत में उन्होंने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री कहलाने के लायक नहीं हैं।












