हिसार: पुलिस अधीक्षक हिसार श्री सिद्धान्त जैन, आईपीएस ने आज अपने कार्यालय में कोर्ट सुरक्षा इंचार्ज, सभी थाना पैरोकार, सभी अदालतों के नायब कोर्ट तथा समन स्टाफ के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक लेकर न्यायालयों से संबंधित पुलिस कार्यों की समीक्षा की। बैठक में सहायक पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मुदगिल, आईपीएस भी उपस्थित रहे।
समन-वारंट तामील में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके दायित्वों के प्रति सख्त एवं स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि न्यायालयों से संबंधित कार्य पुलिस व्यवस्था का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। समन, वारंट एवं अन्य न्यायालयीन आदेशों की तामील में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। एसपी ने निर्देश दिए कि सभी थाना पैरोकार अपने-अपने थानों से संबंधित अदालती मामलों की नियमित समीक्षा करें तथा न्यायालयों में लंबित मामलों, समन एवं वारंट की तामील की स्थिति पर विशेष निगरानी रखें। न्यायालय से प्राप्त आदेशों एवं निर्देशों की समयबद्ध अनुपालना सुनिश्चित की जाए।
नायब कोर्ट को समन्वय बनाए रखने के निर्देश
उन्होंने सभी नायब कोर्ट को निर्देशित किया कि वे न्यायालयों में चल रहे मामलों से संबंधित पुलिस कार्यवाही में आवश्यक समन्वय बनाए रखें तथा अभियोजन पक्ष से संबंधित आवश्यक दस्तावेज एवं सूचनाएं समय पर उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। समन स्टाफ को निर्देश दिए गए कि न्यायालयों से प्राप्त समन एवं अन्य तामील योग्य दस्तावेजों की तामील में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। तामील की स्थिति का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखा जाए और जिन मामलों में तामील नहीं हो पा रही है, उनके कारणों की समीक्षा कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कोर्ट सुरक्षा इंचार्ज को सतर्कता के निर्देश
पुलिस अधीक्षक ने कोर्ट सुरक्षा इंचार्ज को न्यायालय परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि न्यायालय परिसर में आने-जाने वाले व्यक्तियों पर निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। एसपी सिद्धान्त जैन ने कहा कि न्यायालयीन कार्यों में समयबद्धता, रिकॉर्ड की शुद्धता और अधिकारियों-कर्मचारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रत्येक कर्मचारी अपने निर्धारित कार्य को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ पूरा करे।
लापरवाही पर सख्ती, स्टाफ की नियमित समीक्षा
उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालतों से संबंधित कार्यों में लापरवाही, समन/वारंट की तामील में देरी अथवा आदेशों की अनुपालना में किसी भी प्रकार की कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने अधीन कार्यरत स्टाफ के कार्यों की नियमित समीक्षा करते रहें और कमियों को समय रहते दूर करें।












