त्योहारों से पहले मिलावटखोरों पर बड़ी कार्रवाई, रसायनों से बन रहा 350 किलो नकली पनीर पकड़ा

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मथुरा: त्योहारों के सीजन में मिलावटखोर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने में जुटे हैं। शेरगढ़ क्षेत्र के गांव नारायणगढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मंगलवार को नकली पनीर बनाने की इकाई पर छापेमारी की। यहां व्हाइटनिंग एजेंट और सोडियम हाइड्रोजन सल्फेट जैसे रसायनों का इस्तेमाल कर पनीर तैयार किया जा रहा था। टीम ने मौके से 350 किलो दूषित पनीर और करीब तीन हजार लीटर दूध नष्ट कराया। वहीं, पनीर बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री को सीज कर दिया। इकाई संचालक तस्लीम के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।

पनीर बनाने में मिले केमिकल और मिल्क पाउडर, सामग्री के नमूने जांच को भेजे

आगामी त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से जिलेभर में मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान मिली सूचना के आधार पर मंगलवार को खाद्य विभाग की टीम ने शेरगढ़ के गांव नारायणगढ़ में तस्लीम की पनीर निर्माण इकाई पर छापा मारा। जांच के दौरान टीम को मौके पर पनीर बनाने में स्किम्ड मिल्क पाउडर, रानीपाल नामक व्हाइटनिंग एजेंट, पापड़ी (सोडियम हाइड्रोजन सल्फेट), रिफाइंड पॉमोलिन तेल और सोयाबीन दाल का इस्तेमाल होता मिला। इन पदार्थों को मिलाकर तैयार पनीर को बाजार में असली पनीर के नाम पर बेचने की तैयारी थी। टीम ने मौके से पनीर, दूध, 75 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर, 60 किलो सोयाबीन दाल, 225 किलो पॉमोलिन तेल, 1200 ग्राम पापड़ी और 500 ग्राम रानीपाल के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।

350 किलो दूषित पनीर और तीन हजार लीटर दूध नष्ट कराया

छापेमारी के दौरान टीम ने करीब 87 हजार 500 रुपये कीमत का 350 किलो दूषित पनीर मौके पर ही नष्ट करा दिया। इसके अलावा करीब तीन हजार लीटर दूध भी नष्ट कराया गया। पनीर निर्माण में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री को सीज कर दिया गया। सहायक आयुक्त खाद्य जतिन कुमार सिंह ने बताया कि त्योहारों के मद्देनजर मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि इकाई संचालक तस्लीम के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

रसायनों से बना पनीर सेहत के लिए हो सकता है नुकसानदायक

पनीर बनाने में इस्तेमाल किए जा रहे व्हाइटनिंग एजेंट और सोडियम हाइड्रोजन सल्फेट जैसे रसायन खाद्य पदार्थों में मिलाने के लिए नहीं हैं। इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से औद्योगिक ब्लीचिंग और अन्य उत्पादों में किया जाता है। खाद्य पदार्थों में इनकी मिलावट से शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे पदार्थों के सेवन से पाचन तंत्र, त्वचा और सांस संबंधी समस्याओं का खतरा रहता है।

 


Reported By: Prem Kaushik

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