नई दिल्ली: अमेरिका के मिशिगन राज्य में ट्रेनिंग के दौरान अमेरिकी वायुसेना का F-16 फाइटर जेट गुरुवार को क्रैश हो गया। यह हादसा ग्रैंड ट्रैवर्स काउंटी के ग्रामीण इलाके में हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, विमान के क्रैश होने की वजह पक्षी से टकराना हो सकती है। विमान में मौजूद पायलट ने खतरे को भांपते हुए तुरंत खुद को इजेक्ट कर लिया और पैराशूट की मदद से सुरक्षित नीचे उतर गया। बाद में उसे इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। टेक्सास नेशनल गार्ड की 149वीं फाइटर विंग के प्रवक्ता ने पायलट की पहचान और चोटों के बारे में जानकारी साझा करने से इनकार किया।
अस्पताल में होश में था पायलट
ग्रैंड ट्रैवर्स काउंटी के शेरिफ माइकल डी. शीया ने बताया कि पायलट अस्पताल में होश में था और पुलिस से बातचीत कर रहा था। यह F-16 अल्पेना स्थित नेशनल गार्ड बेस पर चल रही ट्रेनिंग का हिस्सा था। अल्पेना डेट्रॉयट से लगभग 305 किलोमीटर उत्तर में स्थित है।
पक्षी से टकराने की आशंका
एयर ट्रैफिक कंट्रोल से हुई बातचीत के एक ऑडियो में दूसरे पायलट ने बताया कि उसे शक है कि उसके साथी के विमान से कोई पक्षी टकराया था। कंट्रोलर ने उसे फ्रैंकफर्ट या ट्रैवर्स सिटी एयरपोर्ट की ओर जाने का सुझाव दिया, लेकिन तब तक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो चुका था। सेना के प्रवक्ता ने कहा कि अभी पक्षी से टकराने की पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तेज धमाके की आवाज, काला धुआं और आग का गोला देखा। एक गवाह ने बताया कि विमान हादसे से पहले काफी नीचे और धीमी रफ्तार में उड़ता दिख रहा था।
केमिकल लीक की आशंका
विमान से केमिकल रिसने की जानकारी भी सामने आई। शुरुआत में लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई, लेकिन बाद में पुलिस ने हादसे की जगह से एक मील के दायरे में रहने वालों को इलाका खाली करने का आदेश दिया। अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि कौन सा केमिकल लीक हुआ, हालांकि F-16 विमानों में आपातकालीन पावर सिस्टम के लिए हाइड्राजीन नामक जहरीला केमिकल इस्तेमाल होता है।
यह हादसा अमेरिकी वायुसेना की ट्रेनिंग के दौरान हुई एक गंभीर घटना है। पायलट की सूझबूझ और समय पर इजेक्ट करने से उसकी जान बच गई, लेकिन पक्षी से टकराने की आशंका और जहरीले केमिकल के रिसाव ने सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।












