जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में ने NEET-PG 2026 परीक्षा के दौरान अव्यवस्था और बड़ी लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। जयपुर के सीतापुरा स्थित एक प्रमुख परीक्षा केंद्र पर अचानक हुए बिजली के फॉल्ट के कारण कंप्यूटर आधारित परीक्षा अपने निर्धारित समय पर शुरू ही नहीं हो सकी। सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित होने वाली इस अति-संवेदनशील परीक्षा के अचानक ठप पड़ जाने से केंद्र पर मौजूद सैकड़ों अभ्यर्थियों के बीच भारी अफरा-तफरी और नाराजगी का माहौल बन गया। फिलहाल केंद्र पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने और तकनीकी खराबी को दुरुस्त कर परीक्षा को दोबारा शुरू कराने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।
अभ्यर्थियों का फूटा गुस्सा
सीतापुरा केंद्र पर समय से पहुंचे अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा शुरू न हो पाने के बाद जब उन्होंने वहां मौजूद परीक्षा केंद्र के अधिकारियों से वजह जाननी चाही, तो किसी ने भी स्थिति स्पष्ट नहीं की।
परीक्षार्थियों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि महीनों की कठिन मेहनत और तय समय पर केंद्र पहुंचने के बावजूद उन्हें इस तकनीकी खामी की वजह से भारी मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है।
भविष्य को लेकर गहरी चिंता
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) या स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब न मिलने के कारण उम्मीदवारों का गुस्सा बढ़ता ही चला गया। NEET-PG जैसी प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षा के लिए अभ्यर्थी लंबे समय से तैयारी करते हैं। परीक्षा शुरू होने में हुई इस अप्रत्याशित देरी ने छात्रों के मन में अपने भविष्य और प्रदर्शन को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। प्रभावित अभ्यर्थी इस बात से भयभीत हैं कि इस देरी का असर उनकी परीक्षा प्रक्रिया और परिणाम पर पड़ सकता है।
8 हजार से अधिक परीक्षार्थी
केंद्र पर मौजूद गुस्साए छात्र अब एनटीए से आधिकारिक स्पष्टीकरण और निष्पक्ष समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि प्रभावित उम्मीदवारों के हित में सही निर्णय लिया जा सके। जयपुर शहर में आज कुल 15 परीक्षा केंद्रों पर NEET-PG परीक्षा का आयोजन किया गया था, जिसमें कुल 8,370 अभ्यर्थियों को शामिल होना था। एक तरफ जहां शहर के अन्य 14 केंद्रों पर परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संचालित हुई, वहीं सीतापुरा स्थित इस सेंटर पर अचानक हुए पावर कट ने पूरी प्रक्रिया में रोड़ा अटका दिया। फिलहाल केंद्र पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने और तकनीकी खराबी को दुरुस्त कर परीक्षा को दोबारा शुरू कराने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।












