नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में अपनी शानदार बल्लेबाजी से नया इतिहास रच दिया. उनकी तूफानी अर्धशतकीय पारी की बदौलत भारत ने मेजबान टीम को 7 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली. वैभव ने सिर्फ 19 गेंदों में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक पूरा किया और कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए.
सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल फिफ्टी का रिकॉर्ड
वैभव सूर्यवंशी अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के किसी भी प्रारूप में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं. उनकी इस उपलब्धि ने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. इंग्लैंड दौरे पर डेब्यू करने वाले वैभव शुरुआती मुकाबलों में बड़ी पारी नहीं खेल सके थे, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने दमदार वापसी की.
इस खास लिस्ट में कोहली और गिल से आगे निकले
वैभव ने भारत के लिए अपनी पहली टी20 फिफ्टी सिर्फ चौथी पारी में पूरी की. इस मामले में उन्होंने शुभमन गिल, जिन्हें पहली टी20 फिफ्टी के लिए 6 पारियां लगी थी, और विराट कोहली, जिन्होंने पहली फिफ्टी 8वीं पारी में लगाई थी, दोनों को पीछे छोड़ दिया.
हालांकि भारत के लिए सबसे कम पारियों में पहली टी20 फिफ्टी लगाने का रिकॉर्ड अब भी रॉबिन उथप्पा, रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे, सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन के नाम है. इन सभी बल्लेबाजों ने अपने डेब्यू टी20 मैच में ही अर्धशतक जड़ दिया था.
चौथी पारी में फिफ्टी लगाने वाले खिलाड़ियों की सूची में शामिल
वैभव सूर्यवंशी अब उन भारतीय खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने चौथी टी20 पारी में पहली फिफ्टी बनाई. इस सूची में वीरेंद्र सहवाग, केएल राहुल, शिवम दुबे और केदार जाधव जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं.
धोनी सबसे आखिर में
इस सूची में सबसे चौंकाने वाला नाम पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का है. धोनी को भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली फिफ्टी लगाने के लिए 66 पारियां खेलनी पड़ी थी. वह इस सूची में सबसे नीचे हैं. वहीं हार्दिक पांड्या ने अपनी पहली टी20 फिफ्टी तक पहुंचने के लिए 43 पारियां ली थी.
युवा सितारे से बढ़ी उम्मीदें
वैभव सूर्यवंशी की यह पारी सिर्फ एक शानदार अर्धशतक नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य की मजबूत झलक भी मानी जा रही है. कम उम्र में जिस आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज से उन्होंने बल्लेबाजी की, उससे टीम इंडिया को आने वाले वर्षों के लिए एक नया मैच विनर मिलने की उम्मीद और मजबूत हो गई है












